इमरान खान की आंखों का PIMS अस्पताल में चौथी बार इलाज किया गया। उनकी पार्टी पीटीआई ने उनके मौलिक अधिकारों और निजी डॉक्टरों से इलाज की मांग को लेकर सरकार को घेरा है।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मंगलवार सुबह इस्लामाबाद के पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सिंसेज (PIMS) में इमरान खान की आंखों का चौथी बार सफल इलाज किया गया।
अस्पताल प्रशासन ने उन्हें चिकित्सकीय रूप से स्थिर बताते हुए छुट्टी दे दी है लेकिन उनकी पार्टी ने इस प्रक्रिया और उनके मौलिक अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
चौथा इंजेक्शन और बीमारी की गंभीरता
74 वर्षीय इमरान खान की दाईं आंख में सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन (CRVO) नामक बीमारी का पता जनवरी के अंत में चला था। पीआईएमएस के प्रवक्ता के अनुसार, 28 अप्रैल को उन्हें चौथा इंट्राविट्रियल एंटी-वीईजीएफ इंजेक्शन लगाया गया। इससे पहले उन्हें 24 जनवरी, 24 फरवरी और 23 मार्च को भी इसी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा था। डॉक्टरों ने बताया कि ‘ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी’ जांच में उनकी आंखों की स्थिति में चिकित्सकीय सुधार देखा गया है।
मौलिक अधिकारों और निजी डॉक्टरों की मांग
इलाज की पुष्टि करते हुए पीटीआई के चेयरमैन बैरिस्टर गोहर अली खान ने सोशल मीडिया पर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मुद्दा केवल इलाज का नहीं, बल्कि इमरान खान के मौलिक अधिकारों का है। पीटीआई लंबे समय से मांग कर रही है कि इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को किसी निजी अस्पताल में शिफ्ट किया जाए, जहां उनके पारिवारिक सदस्यों की मौजूदगी और निजी डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज हो सके।
पक्ष-विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप
पिछले कुछ महीनों से इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच कड़ा गतिरोध बना हुआ है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार इस मामले में पारदर्शिता नहीं बरत रही है और इमरान को उनकी पसंद का उचित इलाज नहीं दिया जा रहा है। वहीं, सरकार ने इन आरोपों को निराधार बताया है।
पीटीआई ने विशेष रूप से उन्हें शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग दोहराई है। गौरतलब है कि इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी फिलहाल रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं और 17 अप्रैल को बुशरा बीबी की भी आंखों की सर्जरी हुई थी।
