होर्सेंस (डेनमार्क) | डेनमार्क में आयोजित उबेर कप बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारतीय महिला टीम का अभियान बेहद निराशाजनक रहा। ग्रुप ए के निर्णायक मुकाबले में 16 बार की चैंपियन चीन ने भारत को 0-5 से करारी शिकस्त दी। दिग्गज खिलाड़ी पीवी सिंधु से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन वे निर्णायक सेट में 18-12 की बढ़त का फायदा उठाने में नाकाम रहीं और विश्व की दूसरे नंबर की खिलाड़ी वांग झियी से कड़े मुकाबले में 16-21, 21-19, 19-21 से हार गईं। इस हार के साथ ही भारत शुरुआती मुकाबले में ही पिछड़ गया और पूरी टीम दबाव में आ गई।
सिंधु के बाद अन्य भारतीय खिलाड़ियों ने भी संघर्ष तो किया लेकिन जीत दर्ज नहीं कर सके। प्रिया कोंजेंगबम और श्रुति मिश्रा की जोड़ी विश्व की नंबर एक चीनी जोड़ी के सामने टिक नहीं पाई। वहीं, ईशरानी बरुआ ने टोक्यो ओलंपिक चैंपियन चेन युफेई को कड़ी टक्कर दी, लेकिन पहले गेम में गेम पॉइंट गंवाने के बाद वह मुकाबला हार गईं। त्रीसा जॉली और कविप्रिया सेल्वम की जोड़ी के साथ-साथ देविका सिहाग ने भी तीन गेम तक चले मैचों में हार का सामना किया। इस हार के कारण भारतीय महिला टीम टूर्नामेंट के नॉकआउट दौर की रेस से पूरी तरह बाहर हो गई है।
महिला टीम की विदाई के बाद अब पूरे देश की निगाहें भारतीय पुरुष टीम पर टिकी हैं, जो थॉमस कप में शानदार प्रदर्शन कर रही है। 2022 की चैंपियन भारतीय पुरुष टीम पहले ही ऑस्ट्रेलिया और कनाडा को हराकर क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुकी है। बुधवार को ग्रुप ए के शीर्ष स्थान के लिए भारत और चीन की पुरुष टीमों के बीच महामुकाबला होगा। भारतीय टीम इस बार भी अपने खिताब की रक्षा करने और जीत की लय बरकरार रखने के इरादे से मैदान में उतरेगी।

