इजराइल ने हिज़्बुल्लाह की सुरंग नष्ट कर लेबनान में बड़ा प्रहार किया। 2 किमी लंबी सुरंग को 450 टन विस्फोटक से उड़ाया। अब नेतन्याहू का अगला लक्ष्य ड्रोन खतरे का अंत करना है।
इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच चल रहे तनाव में एक नया मोड़ सामने आया है। इजराइल की सेना ने अपने ताजा हमले में लेबनान में हिजबुल्लाह के सुरंग नेटवर्क को को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस बड़ी सफलता के बाद अपनी भविष्य की रणनीति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि सुरंगों के बाद अब उनका अगला मुख्य लक्ष्य ड्रोन के खतरे को जड़ से मिटाना है।
इस सैन्य अभियान को अंजाम देते हुए दक्षिणी लेबनान के कंतारा इलाके में एक बेहद शक्तिशाली विस्फोट किया गया। विस्फोट की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि इसे भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण द्वारा एक भूकंपीय घटना के रूप में भी दर्ज किया गया है। इजराइली रक्षा मंत्री काट्ज ने भी साफ कर दिया है कि सेना को गाजा की तरह ही यहां काम करने के स्पष्ट निर्देश मिले हैं। सेना अब हिजबुल्लाह के पूरे ढांचे और उसकी जड़ों को पूरी तरह से नष्ट करने के लिए तेजी से आगे बढ़ रही है।
सुरंग की लंबाई और गहराई
दक्षिणी लेबनान के कंतारा में खोजी गई यह भूमिगत सुरंग लगभग 2 किलोमीटर लंबी बताई जा रही है। इजराइली रक्षा बलों के अनुसार यह सुरंग पथरीली ग्रेनाइट चट्टान को काटकर बनाई गई थी और जमीन से 25 मीटर नीचे तक जाती थी। इस विशाल सुरंग में लगभग 30 शाफ्ट मौजूद थे और इसका निर्माण ईरान की मदद से किया गया था।
विस्फोटक का भारी इस्तेमाल
इजराइल की सेना ने इस बड़े भूमिगत ढांचे को पूरी तरह से खत्म करने के लिए भारी मात्रा में बारूद का इस्तेमाल किया है। मंगलवार को इस अभियान के तहत लगभग 450 टन विस्फोटकों की मदद से इस सुरंग को नष्ट कर दिया गया। यह अब तक खोजी गई सबसे महत्वपूर्ण और विशाल सुरंग मानी जा रही है जिसे सेना ने तबाह किया है।
सुरंग के अंदर की सजावट
नष्ट की गई इस विशाल सुरंग के अंदर कुल 30 कमरे बने हुए थे जिनका इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए होता था। इन कमरों के बीच शॉवर, सजावटी लैंप और अयातुल्ला शासन के नेताओं की तस्वीरों से गलियारों को सजाया गया था। सेना के मुताबिक सैकड़ों हिजबुल्लाह आतंकवादी इस जगह पर तैनात रहते थे और यहां अपना सुरक्षित समय बिताते थे।
हथियारों का बड़ा जखीरा
इस लंबी सुरंग का मुख्य उद्देश्य केवल छिपना नहीं था बल्कि यह हथियारों का एक बहुत बड़ा और सुरक्षित ठिकाना भी था। सेना ने बताया कि इस सुरंग के अंदर हथियारों और गोला-बारूद का एक बहुत बड़ा जखीरा छिपा कर रखा गया था। पिछले 2 वर्षों में विभिन्न स्थानों पर सुरंगों की खोज करने वाले लेफ्टिनेंट कर्नल एच ने इसे बहुत ही खास बताया है।
ड्रोन खतरे पर प्रहार
सुरंगों को तबाह करने के बाद अब इजराइली नेतृत्व का पूरा ध्यान आसमान से होने वाले हमलों को रोकने पर केंद्रित हो गया है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने कुछ हफ्ते पहले ही ड्रोन हमलों को पूरी तरह समाप्त करने के लिए एक विशेष परियोजना के कड़े निर्देश दिए थे। उन्होंने यह भी माना कि इस काम में थोड़ा समय जरूर लगेगा लेकिन अंततः इजराइल इस बड़े खतरे को भी पूरी तरह खत्म कर देगा।
