जबलपुर: इस वर्ष मौसम ने ऐसी करवट ली कि फरवरी माह के मध्य से ही गर्मी का एहसास होने लगा। वहीं तेज धूप के कारण गर्मी के दिनों की आहट भी तेज हो गई थी, इसके चलते मार्च महीने तक आने वाला मटर अब अपने अंतिम पायदान पर पहुंच चुका है। फरवरी माह से ही पड़ने वाली गर्मी के कारण खेतों में मटर की फसल सूखने लगी, जिसके कारण किसानों ने मटर की तुड़ाई तेज कर दी है। जिसे बेचने के लिए किसान मंडियों में पहुंच रहे हैं, सहजपुर मटर मंडी में विगत दो दिनों से मटर की बंपर आवक रही। जिसके कारण किसानों को अपने मटर का उचित दाम नहीं मिल रहा है।
9 से 13 रुपए तक बिका मटर
लगातार आ रही बंपर आवक के कारण मटर के रेट 10 से भी काम हो गए हैं। सहजपुर मटर मंडी में रविवार और सोमवार को भी लगातार आवक बनी रही। जिसके चलते मटर का भाव 9 रुपए प्रति किलो से 13 रुपए प्रति किलो तक रहा, जिससे किसानों के चेहरे पर मायूसी दिखाई दी। किसानों को कहना है कि इस वर्ष मटर के भाव काफी कम रहे, जिसके कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है।
बेचने की बजाय बीज बनाने लगे किसान
बढ़ती गर्मी से मटर की फसल सूखने लगी है, वहीं मंडियों में भी उचित नाम न मिलने के कारण किसान काफी परेशान है। कई किसानों ने बताया कि उन्होंने मटर को ऐसे ही छोड़ दिया है। जिनका थोड़ा बहुत मटर बचा हुआ है, वह उसे तुड़वाने की बजाय सुखा रहे हैं। इसके बाद वह उस मटर का बीज बनाएंगे और अगले वर्ष फिर फसल बोने में उसका उपयोग करेंगे।
