जबलपुर: शहर में रंगों के त्योहार होली की धूम के बीच विद्यार्थियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। 2 मार्च को होलिका दहन, 3 मार्च को ग्रहण के बाद आज 4 मार्च को धुरेड़ी मनाई जाएगी, लेकिन उत्सव का माहौल खत्म होते ही 5 मार्च को कक्षा 9वीं, 11वीं और 12वीं की मुख्य परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। गौरतलब है कि इसी दिन भाईदूज भी है, जिससे छात्रों और अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई है। निर्धारित टाइम टेबल के अनुसार 5 मार्च को कक्षा 9वीं का संस्कृत, 11वीं का राजनीति विज्ञान और 12वीं का भूगोल विषय का पेपर आयोजित किया जाएगा। यह परीक्षाएं विद्यार्थियों के वार्षिक परिणाम के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी उनके भविष्य पर असर डाल सकती है।
परिवहन और समय पर पहुंचने की चिंता
धुरेड़ी के अगले दिन शहर में आमतौर पर सन्नाटा पसरा रहता है और सार्वजनिक परिवहन के साधन सीमित हो जाते हैं। ऐसे में परीक्षा केंद्रों तक समय पर पहुंचना विद्यार्थियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अभिभावकों को आशंका है कि त्योहार की गहमागहमी और अव्यवस्थित यातायात के कारण बच्चों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
स्थानीय अवकाश भी घोषित
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर द्वारा भाईदूज के उपलक्ष्य में 5 मार्च को स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। हालांकि यह अवकाश केवल शासकीय कार्यालयों और अन्य संस्थानों के लिए प्रभावी रहेगा, परीक्षाओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
शासन के निर्देशों के अनुसार परीक्षा तय समय पर
शिक्षा विभाग के नियमों में स्पष्ट किया गया है कि यदि परीक्षा अवधि के दौरान कोई सार्वजनिक या स्थानीय अवकाश घोषित होता है, तब भी परीक्षा कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जब तक राज्य शासन से कोई नया आदेश जारी नहीं होता, परीक्षाएं पूर्व निर्धारित समयानुसार ही आयोजित की जाएंगी।
