
रायसेन। रायसेन जिले के सुल्तानगंज में एक युवक की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने हाईवे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। देगुवा गांव निवासी युवक ने फांसी लगाने का प्रयास किया था, जिसे परिजन सुल्तानगंज के शासकीय अस्पताल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर और 108 एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण समय पर इलाज नहीं हो सका और युवक की जान चली गई। मौके पर पहुंचे अधिकारियों द्वारा कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद जाम खोला गया।
विवाद के बाद आम के पेड़ पर लगाई थी फांसी–
जानकारी के अनुसार, देगुवा गांव निवासी आदित्य शिल्पकार (पिता सरमन शिल्पकार) का घर में किसी बात पर विवाद हो गया था। इसके बाद उसने घर के पास एक आम के पेड़ पर फांसी लगाने का प्रयास किया। परिजनों ने उसे समय रहते फंदे से नीचे उतार लिया और गंभीर हालत में तुरंत सुल्तानगंज के शासकीय अस्पताल लेकर पहुंचे।
स्टाफ नर्स और दाई के भरोसे था अस्पताल, नहीं मिली एंबुलेंस–
परिजनों का गंभीर आरोप है कि जब वे आदित्य को अस्पताल लेकर पहुंचे, तो वहां कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। अस्पताल में केवल एक स्टाफ नर्स और एक दाई मौजूद थीं। परिजनों के मुताबिक, गंभीर हालत में होने के बावजूद युवक को न तो कोई उचित प्राथमिक उपचार मिला और न ही उसे बड़े अस्पताल ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस की व्यवस्था की गई। समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण आदित्य ने दम तोड़ दिया।
बस स्टैंड चौराहे पर शव रखकर किया प्रदर्शन–
अस्पताल प्रबंधन की इस लापरवाही से परिजन और ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने सुल्तानगंज बस स्टैंड चौराहे पर युवक का शव रखकर तुरंत चक्काजाम कर दिया। हाईवे पर जाम लगने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझाकर व दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन देकर चक्काजाम समाप्त करवाया।
