नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (वार्ता) रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) से जुड़े एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की अंतरिम कुर्की की हालिया कार्रवाई पर अनिल अंबानी परिवार ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा कि इससे दोष साबित नहीं होता। आरकॉम बैंक धोखाधड़ी मामले में ईडी ने 3,034.90 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। इसके साथ ही रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप (आरएएजी) से जुड़े मामलों में कुल कुर्की 19,344 करोड़ रुपये से अधिक हो गयी है।
यह जांच भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) द्वारा आरकॉम, अनिल डी. अंबानी और अन्य के खिलाफ दर्ज कराई गई सीबीआई की कई प्राथमिकियों के आधार पर शुरू की गई थी। ईडी के अनुसार, आरकॉम और उसकी समूह कंपनियों ने घरेलू और विदेशी ऋणदाताओं से ऋण लिया था, जिसकी कुल बकाया राशि 40,185 करोड़ रुपये है।
परिवार ने कहा है कि अंतरिम कुर्की दोष सिद्धि नहीं है और प्रभावित पक्ष प्राधिकरण के समक्ष तय समय सीमा में अपना पक्ष रखेंगे। जांच में प्रवर्तकों से जुड़ी संपत्तियों का पता चला है, जिनमें मुंबई की उषा किरण बिल्डिंग में एक फ्लैट, पुणे के खंडाला में एक फार्महाउस और अहमदाबाद के साणंद में जमीन का एक हिस्सा शामिल है। इसके अलावा, राइज-ई ट्रस्ट के तहत एक समूह इकाई मेसर्स राइज इन्फिनिटी प्राइवेट लिमिटेड के पास मौजूद रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के 7.71 करोड़ शेयर भी कुर्क किए गए हैं।
अनिल अंबानी परिवार के बयान में कहा गया है कि ऊषा किरण प्रॉपर्टी विरासत में मिली पारिवारिक संपत्ति है जो 41 साल पहले हासिल की गयी थी। खंडाला की प्रॉपर्टी भी चार दशक से अधिक पुरानी और विरासत में मिली संपत्ति है। बयान में स्पष्ट किया गया है कि एमआईसीए एक मान्यता प्राप्त धर्मार्थ शिक्षण संस्थान है जो साल 1991 से चल रहा है। इसके अलावा रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर में ऋषि इनफिनिटी की शेयरधारिता के बारे में साल 2021 से ही शेयर बाजारों को बताया गया है और यह सार्वजनिक जानकारी में है।

