पार्वती नदी में पानी खत्म, सुठालिया के 77 गांवों में तीन दिन बाद मचेगा हाहाकार

ब्यावरा:नलजल योजना के माध्यम से गांव-गांव, घर-घर पेयजल उपलब्ध कराने के लिए परियोजनाएं तो संचालित की जा रही है किंतु गर्मी के दिनों में जब पानी की कहीं अधिक आवश्यकता होती है ऐसे समय पानी के अभाव में परियोजना का दम तोडऩा चिंताजनक है.सुठालिया क्षेत्र की पहाडग़ढ़ परियोजना के तहत आने वाले 77 गांवों में पेयजल सप्लाई के लिए जो पानी बचा है वह बमुश्किल 3 दिन का और है.

परियोजना प्रबंधन के अनुसार जिस जगह पारसाना पार्वती नदी से पेयजल सप्लाई की जाती है वहां वर्तमान में जो पानी शेष बचा है उससे बमुश्किल तीन दिन और सप्लाई हो संभव हो सकेगी. इसके बाद मजबूरन पेयजल सप्लाई बंद करना पड़ेगी. जानकारी के अनुसार पार्वती नदी स्थित जहां से पेयजल सप्लाई की जाती है वहां पर पूर्व से बना स्टॉप डेम ही है और उसका भी लीकेज होना बताया जाता है, जिसके कारण वहां पर्याप्त पानी ठहर नहीं पाता है. जबकि यहां पर एक उपयुक्त स्टॉप डेम बनना था ताकि गर्मी के दिनों में भी पर्याप्त पानी रह सके.
अच्छी बारिश के बाद भी पेयजल संकट
बीते वर्षाकाल में रिकार्ड बारिश के बावजूद सुठालिया क्षेत्र में 77 गांवों को नलजल योजना के द्वारा पानी देने वाले पारसाना स्थित पार्वती नदी स्थल पर अब पानी न के बराबर रह गया है. जबकि इस बार रिकार्ड बारिश हुई थी लेकिन जहां से पेयजल सप्लाई की जाती है वहां पर्याप्त जल संग्रहण की व्यवस्था नहीं होने के कारण गर्मी के दिनों में ऐसे हालात निर्मित हो रहे है. पानी के अभाव में आखिरकार 77 गांवों की नलजल योजना को बंद करना मजबूरी बन जाएगा.
परियोजना के तहत 77 गांवों में पहुंचता है पानी
ब्यावरा विकासखण्ड के तहत जल जीवन मिशन द्वारा सुठालिया क्षेत्र के 77 गांवों में पारसाना स्थित पार्वती नदी से नलजल योजना के तहत गांव-गांव पानी पहुंचाया जाता है. ग्राम गांगाहोनी, चाचाखेड़ी, महाराजखेड़ा, सेमलापार, टोड़ी, गिंदौरहाट,नरी, बिसौनिया, मऊ, मोठबडली, नापानेरा, अमरगढ़ खंडिया, परसाना सहित दर्जर्नो गांवों में पेयजल सप्लाई होती है. कई गांवों में पूर्व से ही पेयजल सप्लाई ठप्प होना बताया जा रहा है.
गर्मी में जब पानी की जरुरत तभी संकट
गत वर्ष भी मार्च माह के दूसरे पखवाड़े से पेयजल सप्लाई ठप्प हो गई थी. गर्मी के दिनों में जब अधिक पानी की आवश्यकता होती है, ऐसे समय पानी खत्म होने के कारण कितनी परेशानी का सामना करना पड़ता है इसका अंदाजा लगाया जा सकता है.
सप्लाई अधिक, पानी नहीं पर्याप्त
जानकारी के अनुसार पहाडग़ढ़ परियोजना वर्ष 2022 के जुलाई माह में शुरु हुई थी. जिसमें पारसाना स्थित पार्वती नदी में स्थित पानी से पेयजल सप्लाई की जाने लगी. किंतु इतने अधिक गांवो में पानी सप्लाई के लिए यहां पर्याप्त पानी नहीं रह पाता है. पानी के स्टॉक का उचित प्रबंध नहीं होने से गर्मी के दिनों में सप्लाई व्यवस्था गड़बड़ा रही है

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