
जबलपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में कल्चरल स्ट्रीट भंवरताल में आयोजित खेल संगोष्ठी में मुख्य वक्ता अनिल डागा ने कहा कि खेल व्यक्ति में राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि देश की प्राचीन परंपराओं और जीवन मूल्यों के संरक्षण के साथ युवाओं में राजभक्ति और समाजसेवा का भाव विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि किस प्रकार सीमित संख्या में लोगों ने बड़े देशों को गुलाम बनाया, जिससे सीख लेते हुए देशभक्ति को पुनः जागृत करने की आवश्यकता है। उन्होंने संघ के 40 से अधिक अनुषांगिक संगठनों के माध्यम से सेवा, विज्ञान, आरोग्य और खेल जैसे क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
पांच प्रमुख परिवर्तनों पर जोर
कार्यक्रम में पांच प्रमुख परिवर्तनों समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक कर्तव्य और स्वदेशी भावना पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. अलका नायक रहीं, जबकि विशेष अतिथि डॉ. प्रदीप दुबे उपस्थित रहे। प्रस्तावना भीष्म सिंह राजपूत एवं अतिथि परिचय विशाल बन्ने द्वारा दिया गया।
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम का संचालन और आभार प्रदर्शन दिग्विजय सिंह ने किया। इस अवसर पर अखिलेश सिंह, अखिलेश जैन, संजय सेठ, संजय यादव, आशीष पांडे, मधुमिता हजार, नंदकुमार यादव, उमाशंकर पटेल सहित खेल एवं समाज जगत की कई हस्तियां मौजूद रहीं।
