इंदौर:केन्द्रीय जेल में राष्टीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें जेल में बंद बंदियों के लंबित लघु आपराधिक प्रकरणों का आपसी सुलह समझौते के आधार पर तुरंत निराकरण किया गया.कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में 13वें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अयाज मोहम्मद, वरिष्ठ खंड व्यवहार न्यायाधीश मुकेश गुप्ता एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव शिवराज गवली मौजूद रहे. लोक अदालत के दौरान कई प्रकरणों का मौके पर ही निपटारा कर पात्र बंदियों को राहत दी गई.
इस दौरान न्यायाधीश अयाज मोहम्मद ने कहा कि लोक अदालत न्याय का सरल, सुलभ और त्वरित माध्यम है, जिससे न्यायालयों का भार कम होता है और पक्षकारों को शीघ्र व सम्मानजनक न्याय मिलता है. वहीं डीएलएसए सचिव शिवराज गवली ने बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता और उनके अधिकारों की जानकारी दी. कार्यक्रम के अंत में केन्द्रीय जेल अधीक्षक डॉ. अलका सोनकर ने अतिथियों और उपस्थित अधिकारियों अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त किया. इस दौरान सोनकर ने कहा कि ऐसे आयोजन बंदियों में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ाते हैं. इस दौरान जेल स्टाफ, विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य, अधिवक्ता और बड़ी संख्या में बंदी मौजूद रहे.
