
भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने रविवार को राजधानी भोपाल में महिला अधिकारों को लेकर एक बड़ा पैदल मार्च आयोजित किया। कांग्रेस ने इस दौरान सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर “महिला विरोधी नीतियां” अपनाने और महिलाओं को सार्थक राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने में विफल रहने का आरोप लगाया।
यह मार्च प्लेटिनम प्लाज़ा से शुरू होकर टीनशेड, टॉप एंड टाउन और न्यू मार्केट जैसे प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए रोशनपुरा चौराहे पर समाप्त हुआ। प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर महिलाओं के मुद्दों की अनदेखी और उनके सशक्तिकरण के प्रति कथित उदासीनता का आरोप लगाया।
कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया सहित कई विधायक और पदाधिकारी शामिल हुए। इसके अलावा यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई और महिला कांग्रेस के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी रैली में शामिल रहे।
सभा को संबोधित करते हुए पटवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा बुलाया गया विशेष विधानसभा सत्र महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने लोकसभा की सभी 543 सीटों पर महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण तत्काल लागू करने और मध्यप्रदेश विधानसभा में भी इसी तरह का प्रस्ताव पारित करने की मांग की।
वहीं, सिंघार ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर महिलाओं के मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस विधायक दल विधानसभा में महिला आरक्षण लागू करने के लिए अशासकीय संकल्प लाएगा और इसे केंद्र सरकार को भेजने की मांग करेगा।
महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी और पूर्व विधायक सुनीता पटेल ने भी महिला अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष की आवश्यकता पर जोर दिया।
कांग्रेस ने दावा किया कि उसके पूर्ववर्ती शासनकाल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए गए, जबकि भाजपा पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर नकारात्मक रुख अपनाने का आरोप लगाया गया।
