छतरपुर। महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय मार्ग पर अतिक्रमण एक बार फिर नासूर बनता जा रहा है। सड़क किनारे अवैध रूप से रखी गई गुमटियों और बेतरतीब खड़े ई-रिक्शों के कारण यह मार्ग अब राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बन चुका है। आलम यह है कि कॉलेज के मुख्य समय पर यातायात पूरी तरह बाधित हो जाता है, जिससे सैकड़ों छात्र-छात्राओं को समय पर अपनी कक्षाओं तक पहुँचने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
राज्यपाल के जाते ही लौटे पुराने हालात
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। हाल ही में विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के दौरान, जब प्रदेश के राज्यपाल शहर में मौजूद थे, तब प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए रातों-रात अतिक्रमण हटा दिया था। लेकिन जैसे ही वीआईपी मूवमेंट समाप्त हुआ, व्यवस्थाएं फिर से पटरी से उतर गईं। चंद घंटों के भीतर ही सड़क किनारे दोबारा गुमटियां सज गईं और ई-रिक्शों का जमावड़ा लग गया।
केवल ‘औपचारिकता’ बनकर रह गई कार्रवाई
विद्यार्थियों और राहगीरों का आरोप है कि नगर पालिका और पुलिस प्रशासन की कार्रवाई केवल दिखावा मात्र है। लोगों का कहना है कि जब तक कोई बड़ा आयोजन होता है, तब तक सड़कें साफ रहती हैं, लेकिन आम दिनों में जनता को उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है। स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम न उठाए जाने के कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं।
नियमित निगरानी की मांग
लगातार बढ़ती इस समस्या को देखते हुए अब नागरिक सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि केवल दिखावे के लिए अभियान न चलाकर, नियमित अंतराल पर कार्रवाई की जाए और अतिक्रमण स्थल पर सख्त निगरानी रखी जाए। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले समय में यहाँ बड़ी दुर्घटनाओं की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
