इंदौर:शहर में प्रधानमंत्री आवास योजना के फ्लैट में विभिन्न समस्याओं को लेकर हाईकोर्ट ने निर्माण कंपनी और आयुक्त को नोटिस जारी किया है. उक्त मामले में पीड़ित ने जनहित याचिका दायर की है.मामला नगर निगम द्वारा निर्मित प्रधानमंत्री आवास योजना गुलमर्ग परिसर में आरटीआई कार्यकर्ता नरेंद्र गोस्वानी ने फ्लैट खरीदा था. आवंटन के बाद फ्लैट में लगातार बाथरूम और दीवारों से पीनी लीकेज की समस्या भी हुई है.
बारिश में दीवारों की सीलन से बिजली स्विच बोर्ड से करंट फैलने की भी परेशानी बनी हुई है. इसकी कई बार शिकयत करने के बाद भी नगर निगम समस्या का निदान नहीं किया गया. याचिकाकर्ता नर्फन्द्र गोस्वामी ने बताया कि समस्याओं के निराकरण के लिए कई बार पत्र लिखे. प्रधानमंत्री कार्यालय से लेकर आरटीआई में जानकारी मांगी. अभी द्वितीय अपील राज्य सूचना आयोग में विचाराधीन है, जिसका जवाब आना बाकी है.
जनहित याचिका लगाई थी
संबंधित विभागों से निराकरण न होने के उपरांत लाइटहाउस गुलमर्ग परिसर के सभी 1024 हितग्राही तथा उपभोक्ता किसी हृदय विदारक हादसे के शिकार हो सकते है. लाइटहाउस प्रोजेक्ट के स्थान पर पुनः स्थापित अथवा दूसरा आवास आवंटन करने की मांग को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई. याचिका वरिष्ठ अधिवक्ता अनुराग जैन द्वारा दायर की गई. हाईकोर्ट द्वारा लाइटहाउस प्रोजेक्ट निर्माण करने वाली केपीआर कंपनी नासिक महाराष्ट्र एवं आयुक्त नगर निगम इंदौर को नोटिस जारी किया है.
