रीवा:नगर पालिक निगम रीवा में प्रधानमंत्री आवास योजना एवं आईएचएसडीपी योजना के तहत निर्मित आवासों के आवंटन को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है.
महापौर अजय मिश्रा बाबा ने आयुक्त को पत्र जारी कर 5 दिवस के भीतर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. जारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2008 में आईएचएसडीपी योजना के तहत बनाए गए आवासों का आवंटन बिना निर्धारित न्यूनतम अंशदान राशि लिए कर दिया गया.
साथ ही यह भी सामने आया है कि कई स्थानों पर अतिक्रमण कर लोग अवैध रूप से निवास कर रहे हैं. इस संबंध में पहले भी निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे विभागीय मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है. इसी प्रकार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित ईडब्ल्यूएस भवनों में भी अतिक्रमणकारियों को हटाकर बिना राशि जमा कराए और बिना सक्षम स्वीकृति के आवास आवंटित किए जाने की बात सामने आई है.
इससे न केवल अतिक्रमण को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि नगर निगम को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है. महापौर ने स्पष्ट किया कि योजना के नियमों के अनुसार आवास नि:शुल्क देने का कोई प्रावधान नहीं है. पात्र हितग्राहियों को निर्धारित अंशदान राशि (2 लाख से 3.25 लाख) जमा करने के बाद ही आवंटन किया जाना चाहिए. यह मामला सामने आने के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं.
तीन बिन्दुओं की महापौर ने मांगी जानकारी
उक्त दोनों योजनाओं में निर्मित भवनों की कुल संख्या, आवंटित भवनों की संख्या, पूर्ण राशि जमा वाले प्रकरण, किश्त में चल रहे प्रकरण एवं बिना किसी राशि जमा के आवंटित प्रकरणों का विवरण राशि सहित 05 दिवस के भीतर बिन्दुवार प्रस्तुत करें. जिन प्रकरणों में अंशदान राशि अथवा निर्धारित किश्तें जमा नहीं की जा रही हैं, उन पर नियमानुसार कार्यवाही कर कृत कार्यवाही से अवगत कराएं. जिन आवासों की किश्तें जमा नहीं हो रही हैं, वे किस अधिकारी/कर्मचारी के कार्यकाल में आवंटित किए गए, यह स्पष्ट जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए. आदेश की अवहेलना अथवा विलम्ब के लिए उत्तरदायित्व निर्धारित कर अवगत कराएं.
