
भोपाल। क्षेत्रीय औद्योगिक गुणवत्ता को मजबूत बनाने की दिशा में भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल), भोपाल ने ‘क्वालिटी यात्रा’ जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआई) और राष्ट्रीय परीक्षण एवं अंशांकन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) के सहयोग से अहिल्याबाई गेस्ट हाउस के सभागार में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का उद्देश्य विनिर्माण उद्योगों, परीक्षण प्रयोगशालाओं और शैक्षणिक संस्थानों के बीच गुणवत्ता संबंधी अंतर को कम करना था। विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को एनएबीएल प्रत्यायन प्रक्रिया के प्रति जागरूक कर उनकी उत्पाद गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ जी.पी. बघेल, महाप्रबंधक (गुणवत्ता), भेल भोपाल ने किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए मानकीकरण और प्रयोगशाला प्रत्यायन अत्यंत आवश्यक है।
सत्र के दौरान क्यूसीआई के सलाहकार जगत पटेल ने उद्योगों के समर्थन हेतु विकसित गुणवत्ता ढांचे की जानकारी दी, जबकि एनएबीएल के वरिष्ठ फैकल्टी शिशिर बसर ने प्रक्रियागत सुधार और औपचारिक प्रत्यायन के दीर्घकालिक लाभों पर प्रकाश डाला।
भेल ने अपनी एनएबीएल मान्यता प्राप्त टेस्टिंग एवं कैलिब्रेशन प्रयोगशाला (टीएसडी) की उन्नत क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए घोषणा की कि ये सुविधाएं अब स्थानीय उद्योगों और एमएसएमई के लिए भी उपलब्ध रहेंगी।
