जबलपुर: शहर की सडक़ों को व्यवस्थित करने और आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण में अव्वल आने के संकल्प के साथ नगर निगम और शहर के विभिन्न बाजारों के पथ विक्रेताओं के बीच वार्ता संपन्न हुई। निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार के निर्देशानुसार, अपर आयुक्त (बाजार) श्रीमती अंजू ठाकुर ने विभिन्न बाजार क्षेत्रों के प्रतिनिधिमंडलों से मिलकर उनकी समस्याओं को सुना और मौके पर ही उनके निराकरण करने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। बैठक के दौरान अपर आयुक्त श्रीमती अंजू सिंह और पथ विक्रेताओं के बीच शहर की सुंदरता और आजीविका की सुरक्षा को लेकर सहमति बनी। रांझी, गोरखपुर, अधारताल, ग्वारीघाट और गढ़ा जैसे प्रमुख बाजारों के प्रतिनिधियों ने स्वेच्छा से यह निर्णय लिया कि सभी सब्जी विक्रेता और हाथ ठेला चालक निगम द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर ही अपना व्यवसाय करेंगे।
विक्रेताओं की मांग पर सिटी मिशन मैनेजर को तत्काल निर्देशित किया गया कि सभी पात्र विक्रेताओं को परिचय पत्र और विक्रेता सर्टिफिकेट प्रदान किए जाएं, ताकि वे बिना किसी भय के अपना कार्य कर सकें। प्रतिनिधियों ने आश्वस्त किया कि यदि कोई दुकान सडक़ पर बाधा उत्पन्न करेगी, तो वे स्वयं उसे हटा लेंगे। अपर आयुक्त श्रीमती अंजू सिंह ने भी विक्रेताओं की इस पहल का स्वागत किया ताकि रोजमर्रा की आमदनी प्रभावित न हो।
बैठक में सहायक श्रम आयुक्त पवन मंडोत ने उपस्थित सदस्यों को शासन की मानधन योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत पंजीयन कराने पर पथ विक्रेताओं को 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने के पश्चात 3000 रूपये प्रतिमाह पेंशन प्राप्त होगी।उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना से भी अवगत कराया । निगम ने सभी पात्र विक्रेताओं को इस योजना का लाभ लेने प्रोत्साहित किया। बैठक में अतिक्रमण निरोधक अधिकारी अखिलेश भदौरिया, सहित विभिन्न क्षेत्रों के बाजार प्रतिनिधि उपस्थित रहे
