जबलपुर: महिला आरक्षण को लेकर राजनीतिक विवाद एक बार फिर गहरा गया है।शहर पहुंची कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता इंजी ज्योति पटेल (जिला पंचायत सदस्य, सागर) ने पत्रकार वार्ता में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह परिसीमन और जनगणना की आड़ में सत्ता पर एकाधिकार की कोशिश कर रही है। प्रदेश प्रवक्ता ने कांग्रेस की ओर से कहा कि पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में पूरी तरह एकजुट है और उसने पहले भी ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का समर्थन किया था।
कांग्रेस का कहना है कि महिलाओं को उनका अधिकार तुरंत मिलना चाहिए, लेकिन सरकार इसे टालने की रणनीति अपना रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हवाले से कहा गया कि यदि सरकार वास्तव में महिला सशक्तिकरण चाहती है तो उसे परिसीमन और जनगणना की प्रतीक्षा किए बिना मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में ही 33% आरक्षण लागू करना चाहिए। पार्टी ने मांग की है कि यह आरक्षण 2029 से प्रभावी किया जाए और इसमें ओबीसी वर्ग की महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक ढांचे में बदलाव कर कार्यकारी शक्तियों का केंद्रीकरण करने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ बताया, जबकि सरकार और नरेंद्र मोदी नेतृत्व पर महिला आरक्षण को लेकर पारदर्शी रुख स्पष्ट करने की मांग की गई है। पत्रकार वार्ता में शहर कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा, ग्रामीण अध्यक्ष संजय यादव, विनीता यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता एवं पदाधिकारी मौजूद थे।
