गेहूं खरीदी, पंजीयन और सरकारी लक्ष्य के बीच बड़ा अंतर: कुणाल 

भोपाल। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव कुणाल चौधरी ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी सरकार पर किसानों के साथ वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार जिस वर्ष को “किसान कल्याण वर्ष” बता रही है, वह वास्तव में “किसान बदहाली वर्ष” बन गया है। इस दौरान मध्य प्रदेश किसान कांग्रेस के अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान और प्रवक्ता राहुल राज भी उपस्थित रहे।

चौधरी ने गेहूं खरीदी में देरी और सीमा तय करने को लेकर सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि लगभग 19.4 लाख किसानों ने करीब 160 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का पंजीयन कराया है, जबकि सरकार ने मात्र 78 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि खरीदी की रफ्तार इतनी धीमी है कि तय समय सीमा में लक्ष्य पूरा होना मुश्किल दिख रहा है, जिससे सरकार की मंशा पर सवाल उठते हैं।

उन्होंने नरेंद्र मोदी, शिवराज सिंह चौहान और मोहन यादव पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि नीतियों और प्रचार के जरिए किसानों को गुमराह किया जा रहा है।

कांग्रेस नेता ने खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्थाओं, भुगतान में देरी और मक्का व प्याज जैसी फसलों के गिरते दामों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने व्यवस्था को “अव्यवस्थित और संदेहास्पद” बताते हुए सरकार से तत्काल खरीदी, पूरी उपज की खरीद और किसानों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की।

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