
भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कथित पत्र को लेकर उपजे विवाद पर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने पारदर्शिता, राजनीतिक मंशा और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर गंभीर चिंताएं जताई हैं।
घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए पटवारी ने कहा कि यह पत्र महज एक राजनीतिक बयान नहीं है, बल्कि एक ऐसा दस्तावेज़ है जो महिलाओं के आरक्षण की आड़ में संभावित अनियमित परिसीमन जैसे गंभीर मुद्दों की ओर संकेत करता है। उन्होंने जोर दिया कि पत्र में उठाए गए प्रश्न लोकतांत्रिक निष्पक्षता से सीधे जुड़े हैं और इस पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी तथा समयबद्ध जांच होनी चाहिए।
घटनाओं के क्रम पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि 15 तारीख को लिखा गया यह पत्र सार्वजनिक होने के बाद व्यापक चर्चा में आया, लेकिन कुछ ही दिनों में राजे ने इसका खंडन कर दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह खंडन स्वेच्छा से किया गया या किसी दबाव में आकर, और आरोप लगाया कि भाजपा में असहमति की आवाज़ों को दबाने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है।
पटवारी ने कहा कि यदि पत्र में कही गई बातें निराधार हैं तो भाजपा को तथ्यों के साथ इसका स्पष्ट खंडन करना चाहिए, लेकिन यदि इसमें सच्चाई का अंश है तो उससे ध्यान भटकाने के बजाय उस पर गंभीरता से कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर पत्र साझा करने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर की भी आलोचना करते हुए इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला और राजनीतिक असहिष्णुता का संकेत बताया।
उन्होंने कहा कि चुनिंदा कार्रवाई कानून के दुरुपयोग की ओर इशारा करती है और कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी तथा पारदर्शिता और लोकतांत्रिक जवाबदेही के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
