जबलपुर: रांझी थाना अंतर्गत मड़ई में रहने वाले एक बकरी कारोबारी का आरोपियों ने फिल्मी अंदाज में टाटा सफारी से कारोबारी को अगवा किया, मारपीट की और तहसील कार्यालय ले जाकर डरा-धमकाकर उसकी दुकान का विक्रयनामा लिखवा लिया। पुलिस ने मामले में 5 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों ने घाटे की भरपाई के लिए साजिश रची थी।
पुलिस से मिली जानकारी अनुसार मोनू रैकवार (46) निवासी मड़ई बकरी और मुर्गी पालन का कार्य करता है।
करीब 7 माह पहले उसने विवेक सतनामी के साथ मझौली के कटाव धाम में एक फार्म हाउस किराए पर लिया था। कारोबार में घाटा होने के बाद विवेक हिसाब करने नहीं आया, बल्कि उसने डराकर संपत्ति हड़पने की योजना बना ली। 19 अप्रैल की शाम जब मोनू फार्म हाउस पर था, तभी अभिषेक घाटे अपने 3 साथियों के साथ टाटा सफारी एमपी 20 के एन 0111 से वहां पहुँचा। मोनू के मना करने के बावजूद आरोपियों ने उसे जबरदस्ती गाड़ी में डाला और मारपीट शुरू कर दी।
मोबाइल छीना, ऑफिस में बंधक बनाकर पीटा
आरोपियों ने सबसे पहले मोनू का मोबाइल छीना ताकि वह किसी को सूचना न दे सके। उसे विवेक सतनामी के बस स्टैंड स्थित ऑफिस ले जाया गया, जहाँ उसे फिर से बेरहमी से पीटा गया। घटना के बाद पीड़ित किसी तरह आरोपियों के चंगुल गल से छूटा और रांझी थाने पहुँचकर आपबीती सुनाई। पुलिस ने मुख्य आरोपी विवेक सतनामी, अभिषेक घाटे और उनके 3 साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
तहसील कार्यालय में जबरन कराया हस्ताक्षर-
आरोपी मोनू को तहसील कार्यालय के पास एक शपथ पत्र विक्रेता के पास ले गए। वहां मोनू की मड़ई स्थित 264 वर्गफुट की कीमती दुकान को जबरन एफीडेविट के माध्यम से अपने नाम करवा लिया। आरोपियों ने रात करीब 9:30 बजे वे मोनू के घर पहुँचे और उसकी पत्नी भूमा रैकवार व साली प्रियंका बर्मन को जान से मारने की धमकी देकर शपथ पत्र पर गवाही के तौर पर हस्ताक्षर करा लिए थे।
