ग्वालियर। दौलतगंज में राजा बाक्षर के चल रहे शताब्दी उर्स महोत्सव के अवसर पर भव्य पालकी यात्रा निकाली गई। यह पालकी यात्रा राजा बाक्षर मंदिर से प्रारंभ होकर शहर के विभिन्न मार्गो से होती हुई वापस दौलतगंज स्थित मंदिर पर पहुंची। पालकी का शहर के विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया गया।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1927 में इस मंदिर की स्थापना की गई थी और इस वर्ष यह अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है। इस मंदिर को हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक माना जाता है। इस 11 दिवसीय उर्स शताब्दी समारोह के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं जिसमें बड़ी दूर-दूर से श्रद्धालु आकर अपनी समस्या का हल पा रहे हैं। ऐसी मान्यता है कि यहां पर जो भी बाबा से मन्नत मांगी जाती है, बाबा उन सभी की झोली भर देते है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की बेला में आज रात आज प्रसिद्ध कव्वाल सलीम झंकार ने प्रस्तुति दी। इसी तारतम्य में कल 21 अप्रैल को शाम 4 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।
