नयी दिल्ली, 20 अप्रैल (वार्ता) पश्चिम एशिया संकट के बीच कोयला, कच्चा तेल, उर्वरक और बिजली उत्पादन घटने से देश के आठ प्रमुख उद्योग क्षेत्रों के उत्पादन में मार्च में सालाना आधार पर 0.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी। पिछले साल मार्च में यह 4.5 प्रतिशत और इस साल फरवरी में 2.8 प्रतिशत बढ़ा था।वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा सोमवार काे जारी आंकड़ों में बताया गया है कि एक साल पहले की तुलना में मार्च में आठ प्रमुख उद्योग क्षेत्रों में से चार के उत्पादन में वृद्धि और अन्य चार में गिरावट रही।
कोयला उत्पादन चार प्रतिशत और कच्चे तेल का उत्पादन 5.7 प्रतिशत घट गया। उर्वरक उत्पादन में 24.6 प्रतिशत की जबरदस्त गिरावट दर्ज क गयी। बिजली उत्पादन 0.5 प्रतिशत घट गया। वहीं, मार्च में प्राकृतिक गैस का उत्पादन 6.4 प्रतिशत, रिफाइनरी उत्पादों का 0.1 प्रतिशत, इस्पात का 2.2 प्रतिशत और सीमेंट का चार प्रतिशत बढ़ा। अक्टूबर 2025 के बाद यह पहला मौका है जब आठ प्रमुख उद्योग क्षेत्रों के उत्पादन में गिरावट दर्ज की गयी है। पिछले साल अक्टूबर में इसमें 0.1 फीसदी की गिरावट रही थी।
पूरे वित्त वर्ष के दौरान आठ प्रमुख उद्योगों के उत्पादन में सालाना 2.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। यह कोरोना काल (वित्त वर्ष 2020-21) के बाद का निचला स्तर है। उस समय इसमें 6.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी थी। वित्त वर्ष 2024-25 में वृद्धि दर 4.5 फीसदी रही थी। गत 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष के दौरान इस्पात उत्पादन में 9.1 प्रतिशत और सीमेंट उत्पादन में 8.6 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि रही। बिजली उत्पादन 0.9 फीसदी बढ़ा।अन्य पांच क्षेत्रों में गिरावट रही। कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस के उत्पादन 2.8 प्रतिशत घट गये। कोयला उत्पादन में 0.5 प्रतिशत और रिफाइनरी उत्पाद तथा उर्वरक उत्पादनों में 0.1 प्रतिशत की गिरावट रही।

