
शिवपुरी। 16 अप्रैल को हुई थार वाहन दुर्घटना के बाद मामला अब नया मोड़ लेता दिख रहा है। जहां एक ओर पुलिस प्रशासन घटना में कानूनी कार्रवाई कर रहा है, वहीं दूसरी ओर बयानबाजी ने पूरे प्रकरण को राजनीतिक रंग दे दिया है।
पिछोर से विधायक प्रीतम लोधी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे करैरा एसडीओपी के संदर्भ में आपत्तिजनक भाषा का उपयोग करते नजर आ रहे हैं। इंटरव्यू के दौरान दिए गए इस बयान के बाद अब जनप्रतिनिधियों की भाषा और मर्यादा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बताया जा रहा है कि 16 अप्रैल की सुबह विधायक के पुत्र दिनेश ने थार वाहन से पांच लोगों को टक्कर मार दी थी। घटना के बाद करैरा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वाहन की जांच की। इस दौरान वाहन पर नियम विरुद्ध काली फिल्म और नंबर प्लेट की जगह “विधायक” लिखा पाया गया, जिसे हटाने की हिदायत देकर चालक को छोड़ दिया गया था। हालांकि, दो दिन बाद भी वाहन में कोई सुधार नहीं किया गया और वही थार नगर की सड़कों पर घूमती देखी गई। इसके बाद करैरा एसडीओपी ने नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर वाहन का चालान किया।
इस कार्रवाई के बाद विधायक के बयान सामने आए, जिसने विवाद को और हवा दे दी। एक संवैधानिक पद पर बैठे जनप्रतिनिधि द्वारा इस तरह की भाषा का इस्तेमाल क्या उचित है—यह सवाल अब आम जनता और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
फिलहाल पुलिस अपनी जांच और कानूनी प्रक्रिया में जुटी हुई है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक सख्ती और राजनीतिक दबाव के बीच संतुलन पर बहस छेड़ दी है।
