इस्लामाबाद | पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के साथ टेलीफोन पर करीब 45 मिनट तक विस्तार से चर्चा की। इस बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने मौजूदा क्षेत्रीय स्थिति और मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव पर अपनी चिंताएं साझा कीं। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा जारी बयान के अनुसार, शरीफ ने सऊदी अरब, कतर और तुर्की के नेताओं के साथ हुई अपनी हालिया मुलाकातों का विवरण भी साझा किया। यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभाने का प्रयास कर रहा है।
इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर घोषणा की है कि अमेरिकी वार्ताकारों का एक प्रतिनिधिमंडल बातचीत के दूसरे दौर के लिए सोमवार शाम इस्लामाबाद पहुँचेगा। इससे पहले 11 और 12 अप्रैल को हुई सीधी बातचीत बिना किसी ठोस समझौते के समाप्त हो गई थी। ट्रंप के इस कदम से बुधवार को समाप्त हो रहे दो सप्ताह के युद्धविराम (सीजफायर) को आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है। प्रधानमंत्री शरीफ ने पहले दौर की बातचीत के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल भेजने पर ईरानी राष्ट्रपति का आभार व्यक्त किया और शांति सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान ने शांति प्रयासों में पाकिस्तान की मजबूत प्रतिबद्धता के लिए पीएम शहबाज और सेना प्रमुख जनरल मुनीर की सराहना की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में ईरान और पाकिस्तान के द्विपक्षीय संबंध और अधिक सुदृढ़ होंगे। हालांकि, दूसरे दौर की वार्ता में तेहरान की औपचारिक भागीदारी को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंच पर इसे एक बड़ी कूटनीतिक जीत के रूप में देख रहा है। पूरी दुनिया की नजरें अब इस्लामाबाद पर टिकी हैं, जहाँ अमेरिका और ईरान के बीच के गतिरोध को खत्म करने की एक और कोशिश की जा रही है।

