सतना: एक ओर पूरा जिला भीषण गर्मी की चपेट में है। तेज धूप और लू के थपेड़ों से लोग परेशान हैं और राहत के लिए ठंडे पानी व शीतल स्थानों की तलाश में भटक रहे हैं। वहीं दूसरी ओर सतना रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को मूलभूत सुविधा तक नसीब नहीं हो रही है।सतना रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन करीब 180 ट्रेनों की आवाजाही होती है। लेकिन इस व्यस्त रेलवे स्टेशन पर सफर करने वाले हजारों मुसाफिर प्यास से बेहाल नजर आ रहे हैं।
सबसे चिंताजनक और शर्मनाक स्थिति यह है कि स्टेशन परिसर में लगाए गए पानी के काउंटर यात्रियों को राहत देने के बजाय गर्म हवाएं फेंकते दिखाई दे रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच जहां यात्रियों को ठंडे पेयजल की आवश्यकता है, वहीं स्टेशन पर मौजूद व्यवस्थाएं पूरी तरह फेल साबित हो रही हैं। इससे यात्रियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। विभागीय सूत्रों के अनुसार इस अव्यवस्था के पीछे कुछ अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका भी सामने आ रही है।
आरोप है कि जैसे ही कोई ट्रेन प्लेटफॉर्म पर पहुंचती है, उसी समय ठंडे पानी की सप्लाई का वाल्व बंद करा दिया जाता है। नतीजतन यात्री मजबूरी में प्लेटफॉर्म पर बिक रहे बोतलबंद पानी को खरीदने पर विवश हो जाते हैं। किसे लाभ पहुंचाने की कोशिश बताया जा रहा है कि इस खेल का सीधा फायदा स्टेशन परिसर में संचालित पानी बेचने वालों को मिलता है, जबकि यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। लंबी दूरी से आने-जाने वाले यात्री, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा परेशान हो रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थान पर पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा बाधित होना गंभीर लापरवाही है। गर्मी के इस मौसम में यदि समय रहते व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो यात्रियों की परेशानी और बढ़ सकती है।
