
जबलपुर। किसानों को अपनी फसलों के अच्छे उत्पादन के लिए फसल की विभिन्न अवस्थाओं में उर्वरकों की आवश्यकता होती है। जिले में सभी प्रकार के उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। उप संचालक कृषि डॉ. एस. के. निगम के अनुसार वर्तमान में जिले में कुल 23 हजार 498 मेट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। इनमें यूरिया 6 हजार 449.50 मीट्रिक टन, डीएपी 4 हजार 396.29 मीट्रिक टन, एमओपी 622.50 मीट्रिक टन, एनपीके 2 हजार 668.10 मीट्रिक टन एवं एसएसपी 9 हजार 361.65 मीट्रिक टन शामिल हैं।
उप संचालक कृषि ने बताया कि विपणन संघ तथा सहकारी समितियों के पास यूरिया 1 हजार 652.47 मी.टन, डीएपी 963.80 मी.टन एवं एनपीके 642.53 मी.टन उपलब्ध है। साथ ही निजी उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों में यूरिया 3 हजार 247.37 मी.टन, डीएपी 1667.44 मी. टन एवं एनपीके 1 हजार 559.73 मी.टन उर्वरक उपलब्ध है।
कछपुरा में लगी 2600 मी.टन डीएपी की रैक
जानकारी के अनुसार इस वर्ष खरीफ सीजन के लिए जिले में लगातार उर्वरक की आपूर्ति की जा रही है। कछपुरा रैक पाइंट पर आईपीएल कम्पनी की 2600 मी.टन डीएपी की रैक लग चुकी है। इससे जिले के सभी डबल लॉक केन्द्रों में उर्वरक पहुँचाया जा रहा है। इसके साथ ही झुकेही कटनी में एच यू आर एल कंपनी की 1 हजार 323 मी.टन, ब्रम्हपुत्र कम्पनी की 2 हजार 600 मी. टन तथा कृभको कंपनी 2600 मी.टन यूरिया लग चुकी है। इससे जिले के सिहोरा एवं मझौली डबल लॉक केन्द्रों को आपूर्ति की जाएगी।
पारदर्शिता बनाए रखने कलेक्टर ने दिए निर्देश
उर्वरक की मांग को देखते हुए कलेक्टर दीपक सक्सेना द्वारा जिले में खाद वितरण व्यवस्था की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध हो, इसके लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दे रहे हैं। खाद वितरण की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कलेक्टर ने जिले के सभी एसडीएम को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र की समितियों में जाकर खाद वितरण की व्यवस्था का निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि किसानों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो। साथ ही कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता या कालाबाज़ारी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
