
जावद। ब्राह्मण समाज के आराध्य देव, भगवान विष्णु के छठे अवतार राजराजेश्वर भगवान परशुराम का जन्मोत्सव नगर में हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सकल ब्राह्मण समाज एवं युवा संगठन परशुराम सेना के तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें समाजजनों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
गौतमालय भवन से प्रारंभ हुई शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों—सुभाष मार्ग, जोगणिया माता चौराहा, धानमंडी, सर्राफा बाजार, माणक चौक, कंठाल चौराहा और बोहरा गली से होकर पुन: गौतमालय भवन पहुंची। शोभायात्रा में सजे-धजे रथ पर विराजित भगवान परशुराम की आकर्षक झांकी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
पूरे मार्ग में ‘जय परशुराम’ के जयघोष गूंजते रहे। हाथों में भगवा ध्वज लिए युवा झूमते-नाचते आगे बढ़ते नजर आए। ढोल-नगाड़ों की थाप पर महिलाएं, पुरुष और बच्चे जमकर थिरकते दिखाई दिए, जिससे पूरे नगर में उत्सव जैसा माहौल बन गया।
शोभायात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर एवं शीतल पेय पिलाकर भव्य स्वागत किया गया। युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला, जो आयोजन की सफलता का प्रमुख कारण रहा।
इससे पूर्व प्रात:काल प्रभात फेरी भी निकाली गई, जिसमें ‘जय श्रीराम’ और ‘जय परशुराम’ के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।
शोभायात्रा के लक्ष्मीनाथ मंदिर पहुंचने पर भगवान लक्ष्मीनाथ एवं भगवान परशुराम की महाआरती की गई। इसके पश्चात गौतमालय भवन में सहभोज का आयोजन हुआ, जिसके साथ ही दो दिवसीय जन्मोत्सव का समापन हुआ।
