सीहोर। जिले में मानसून की बेरुखी ने हालात बिगाड़ दिए हैं. 66 तालाबों में से सिर्फ 9 ही पूरे भरे हैं, जबकि 56 तालाब आधे से भी कम पानी से लबालब हैं.इनमें से 46 तालाब मात्र 25 प्रतिशत से भी कम भरे हैं और 5 पूरी तरह सूख चुके हैं. शहर का प्रमुख जलस्रोत जमोनिया तालाब इस बार 21.4 फीट ही भर पाया, जबकि पिछले साल 27.6 फीट पानी था. भगवानपुरा तालाब में 17 फीट और काहिरी बांध में भी पर्याप्त जलभराव नहीं हो सका.
बारिश का औसत भी घटा है. अब तक जिले में 725.1 मिमी वर्षा दर्ज हुई, जो पिछले साल की तुलना में 63 मिमी कम है. इस कमी से कुएं, हैंडपंप और ट्यूबवेल सूखने लगे हैं, जिससे पीने के पानी और रबी फसल दोनों पर संकट मंडराने लगा है. उमस और धूप से खेतों की नमी सूखने से फसलें मुरझाने लगीं, वहीं वायरल, सर्दी-जुकाम और मलेरिया जैसे रोग बढ़ रहे हैं.
विशेषज्ञों के अनुसार 17 से 21 अगस्त के बीच बारिश की संभावना है.मंगलवार शाम को हुई बरसात ने लोगों को थोड़ी राहत दी. वहीं, बारिश की कमी से भोपाल का बड़ा तालाब भी खाली है और इसकी क्षमता पूरी करने के लिए अभी 10.6 फीट पानी और चाहिए.
