प्रदीप मालवीय
इंदौर:आजादी के सात दशक बाद इंदौर को एक और आधुनिक अस्पताल मिलने जा रहा है. देश के पहले गृहमंत्री पं. गोविंद वल्लभ पंत, जिन्होंने 1956 में एमवाय अस्पताल का लोकार्पण किया था, उन्हीं के नाम पर धार रोड पर बन रहा नया जिला अस्पताल दिसंबर 2025 तक तैयार होगा. 83 करोड़ की लागत से बन रहा यह पांच मंजिला भवन पूरे मालवा-निमाड़ क्षेत्र को उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं देगा. अब तक 54 करोड़ रुपये का काम पूरा हो चुका है.
1988 में दूध डेयरी भवन में शुरू हुआ यह अस्पताल 37 साल बाद अपने नए भवन में स्थानांतरित होगा. पुराने भवन को 2018 में ध्वस्त कर नया निर्माण शुरू किया गया था. प्रारंभिक ठेकेदार की धीमी रफ्तार के चलते 2024 में गुजरात की ओम कंस्ट्रक्शन को नया ठेका दिया गया, जिसने फरवरी 2024 से तेज गति से कार्य शुरू किया.
प्रोजेक्ट इंजीनियर महेश मंडलोई के अनुसार, अस्पताल में 10 लिफ्ट, चार ऑपरेशन थिएटर, अंडरग्राउंड ऑक्सीजन पाइपलाइन, आधुनिक फायर सिस्टम, एमआरआई, सीटी स्कैन, दो एक्स-रे मशीनें और पैथोलॉजी लैब की सुविधाएं होंगी. करीब दो लाख वर्गफीट में बन रहा यह अस्पताल 300 बिस्तरों की क्षमता वाला होगा और पश्चिम इंदौर के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक इलाज की नई सुविधा प्रदान करेगा.
