इंदौर:राजवाड़ा क्षेत्र इन दिनों नगर निगम, प्रशासन और यातायात पुलिस के प्रयोगों का केंद्र बन गया है, लेकिन इन बदलावों का सीधा असर यहां से गुजरने वाले आम लोगों पर पड़ रहा है.
फरवरी से सिटी बस सेवा बंद कर दी गई थी, जिससे हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. राजवाड़ा से शहर के कई प्रमुख मार्गों पर बसों का संचालन होता था, ऐसे में रोज़ाना यात्रा करने वाले लोगों को दूसरे साधनों पर निर्भर होना पड़ा. हालांकि बस सेवा बंद होने से क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव कुछ कम जरूर हुआ था. दोपहिया वाहन चालकों को निकलने में थोड़ी राहत मिली और जाम की स्थिति में भी कुछ सुधार देखा गया. लेकिन अब जब बस सेवा दोबारा शुरू हो रही है, तो यात्रियों को सुविधा मिलेगी, वहीं दूसरी ओर अन्य वाहन चालकों की परेशानी फिर बढ़ने की आशंका है.
प्रतिबंध के बावजूद ई-रिक्शा का जमावड़ा
दूसरी ओर राजवाड़ा क्षेत्र में ई-रिक्शा पर प्रतिबंध लगाया गया है, लेकिन जमीनी स्थिति इससे अलग नजर आती है. बड़ी संख्या में ई-रिक्शा आज भी राजवाड़ा और आसपास के इलाकों में खड़े रहते हैं. कार्रवाई की कमी के कारण चालक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं और पुलिस को बार-बार चकमा देकर चौक के आसपास अपने वाहन खड़े कर लेते हैं. ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित करने के लिए जोन वाइज व्यवस्था भी लागू की गई थी, लेकिन अब तक इसका कोई खास असर दिखाई नहीं दिया है. कुल मिलाकर, राजवाड़ा क्षेत्र में किए जा रहे इन प्रयोगों का उद्देश्य भले ही व्यवस्था सुधारना हो, लेकिन इसका खामियाजा आम जनता को ही भुगतना पड़ रहा है
