इंदौर:प्रदेश के 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में शामिल विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में स्कूल शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों को एक और अवसर देने के उद्देश्य से द्वितीय अवसर परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है.इस परीक्षा में वे विद्यार्थी शामिल हो सकेंगे जो प्रथम परीक्षा में अनुपस्थित रहे, अनुत्तीर्ण हुए या अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं. विद्यार्थियों को आवेदन करने के लिए 22 अप्रैल तक का समय दिया गया है. आवेदन प्रक्रिया एम.पी. ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जा सकेगी. यह परीक्षा 7 मई से 25 मई तक आयोजित की जाएगी. इसमें शामिल होने वाले विद्यार्थियों को यह भी सुविधा होगी कि प्रथम और द्वितीय परीक्षा में से जो भी बेहतर परिणाम होगा, वही अंतिम रूप से मान्य माना जाएगा. प्रायोगिक विषयों में केवल अनुत्तीर्ण भाग में ही शामिल होने की अनुमति होगी तथा विषय परिवर्तन की अनुमति नहीं दी जाएगी.
अभिभावन बच्चों को प्रोत्साहित करें
राज्य सरकार ने कहा है कि कोई भी विद्यार्थी निराश न हो और बेहतर प्रदर्शन का एक और अवसर मिले, इसी उद्देश्य से यह व्यवस्था की गई है. साथ ही अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे अपने बच्चों को प्रोत्साहित करें.
प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू करने के साथ शिक्षा क्षेत्र में कई सुधार किए गए हैं. ड्रॉप आउट दर शून्य स्तर पर पहुंच चुकी है. 369 सांदीपनी विद्यालय और 730 पीएम श्री स्कूलों के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है.
36 हजार करोड़ का बजट
सरकार द्वारा शिक्षा के लिए इस वर्ष 36 हजार 730 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक है. इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 8 लाख 50 हजार से अधिक बच्चों की निजी स्कूल फीस भी राज्य सरकार द्वारा वहन की जा रही है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे.
