भोपाल: शहर के बड़े तालाब के कैचमेट एरिया के अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अब ठंडे बस्ते में पड़ती दिखाई दे रही है. जिसमें खासतौर से निजी भूमि पर पक्के निर्माण को हटाने में नगर निगम की अहम भूमिका है जो अब टलते दिखाई दे रही है. बता दें कि फरवरी-मार्च में किए गए सीमांकन के दौरान बैरागढ़, टीटी नगर क्षेत्र में करीब 347 अतिक्रमण कैचमेंट एरिया में मिले थे. इसके बाद 6 अप्रैल को टीटी नगर क्षेत्र से कार्रवाई शुरू कर गई. उसके बाद 7,8,9 अप्रैल को पुलिस बल नहीं मिलने से कार्रवाई टाल दी गई. 10 अप्रैल को एक बार फिर बैरागढ़ क्षेत्र के हलालपुर में 13 अप्रैल को फिर से टीटी नगर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई.
जबकि 21 अप्रैल तक 16 मार्च 2022 के बाद हुए कैचमेंट एरिया में अतिक्रमणों पर प्रशासन का बुलडोजर चलना था, जो नहीं चल सका. ऐसे में एक बार प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं. पूर्व मंत्री पीसी शर्मा आरोप लगा चुके हैं कि प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ गरीबों के मकान, दुकान, ठेले, गुमठियां हटाने पर की जाती है. अब पूर्व मंत्री पी सी शर्मा का कहना है कि बड़ी झील के कैचमेंट एरिया में रसूखदारों के बंगले,होटल,रेस्टोरेंट,मैरिज गार्डन हटाए जाएं. इधर,कैचमेंट एरिया में निजी भूमि पर रसूखदारों के कब्जे हटाने को लेकर नवागत कलेक्टर प्रिंयक मिश्रा कह चुके हैं कि अभी मामले को समझ रहा हूं. उसके बाद ही कोई निर्णय ले पाऊंगा. वहीं एसडीएम, तहसीलदार,नायब तहसीलदार कलेक्टर से मेल-मिलाप करने और अपने-अपने काम की जानकारी दे रहे हैं. ऐसे में बड़ी झील के कैचमेंट एरिया में रसूखदारों के अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ठंडी पड़ गई है.
रसूखदारों पर 10 साल में कार्रवाई नहीं
बड़ी झील के कैचमेंट एरिया में अवैध निर्माण हटाने को लेकर सांसद आलोक शर्मा, पूर्व विधायक धु्रवनारायण सिंह प्रशासन से मांग कर चुके हैं. सांसद शर्मा ने पूर्व कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक करके फरवरी में बड़ी झील के कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण बढऩे पर चिंता जताई थी. अतिक्रमणों को तोडऩे के लिए कलेक्टर से कहा था, लेकिन रसूखदारों का इतना रसूख है कि प्रशासन 10 सालों में बिना भेदभाव के बड़ी कार्रवाई नहीं कर पा रहा है, जिससे कैचमेंट एरिया को अतिक्रमण से बचाया जा सके. बड़ी झील का अस्तित्व खत्म होने से बच सके.
कैचमेंट में रसूखदारों के बंगले, होटल,रेस्टोरेंट
टीटी नगर क्षेत्र में आने वाले सेवनियां गोंड,गौरा गांव,बिशनखेड़ी सहित आसपास के क्षेत्रों में कैचमेंट एरिया में रसूखदारों के बंगले, होटल,रेस्टोरेंट बने हैं. स्वीमिंग पूल, बाउंड्रीवॉल बनाई गई हैं. ऐसे में सीवेज का बड़ी झील में मिल रहा है, जिससे झील प्रदूषित हो रही है. एनजीटी भी कई बाद बड़ी झील के कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण नहीं हटाने पर प्रशासन के अधिकारियों को फटकार लगा चुकी है.
