वॉशिंगटन | अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया है। अमेरिका ने समुद्र में फंसे प्रतिबंधित रूसी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री व परिवहन के लिए दी गई अस्थायी छूट को आगे बढ़ाने का लाइसेंस जारी किया है। नए आदेश के तहत, 17 अप्रैल तक जहाजों पर लादे गए रूसी तेल की खरीद की अनुमति 16 मई तक वैध रहेगी। यह कदम विशेष रूप से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में आए उछाल और आपूर्ति में संभावित बाधाओं को देखते हुए उठाया गया है, ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़े झटके से बचाया जा सके।
हालांकि अमेरिका ने यह अस्थायी राहत दी है, लेकिन उसने स्पष्ट किया है कि ईरान, क्यूबा और उत्तर कोरिया के साथ लेनदेन पर सख्त पाबंदियां जारी रहेंगी। वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिए हैं कि जियोपॉलिटिकल तनाव को देखते हुए रूसी और ईरानी तेल से जुड़े जनरल लाइसेंस को भविष्य में रिन्यू नहीं किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर, रूसी राष्ट्रपति के दूत किरिल दिमित्रीव ने दावा किया है कि इस छूट से लगभग 100 मिलियन बैरल क्रूड ऑयल बाजार में आ सकेगा। इस फैसले की कुछ पश्चिमी नेताओं ने आलोचना भी की है, जिनका मानना है कि इससे यूक्रेन युद्ध के बीच रूस की आर्थिक कमाई के स्रोतों पर लगे प्रतिबंध कमजोर पड़ सकते हैं।
पश्चिम एशिया में कूटनीतिक हलचल के बीच ईरान के विदेश मंत्री ने बयान दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य सभी व्यावसायिक जहाजों के लिए खुला रहेगा, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 9% की भारी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, ईरानी संसद के स्पीकर ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि इस मार्ग से आवाजाही केवल ‘निर्धारित मार्ग’ और ‘ईरानी अनुमति’ से ही होगी। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता बताया है, लेकिन साथ ही चेतावनी दी है कि जब तक ईरान के साथ पूर्ण समझौता नहीं हो जाता, तब तक अमेरिका की नौसैनिक घेराबंदी और दबाव पूरी शक्ति के साथ जारी रहेगा।

