डेली कॉलेज विवाद गरमाया, विक्रम सिंह पवार का पलटवार

इंदौर: इंदौर में डेली कॉलेज सोसायटी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष विक्रम सिंह पवार और हरपाल सिंह मोनू भाटिया ने हालिया विवादों पर सख्त प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि 155 वर्ष पुरानी प्रतिष्ठित संस्था की छवि को सुनियोजित तरीके से नुकसान पहुँचाने की कोशिश की जा रही है, जो केवल मतभेद नहीं बल्कि संस्थान की साख को कमजोर करने का प्रयास है.

विक्रम सिंह पवार में बताया कि धर्म और महिलाओं के प्रति पोस्ट डाली गई जिसमें उन्हें मजाक किया और अश्लील पोस्ट की इस हरकत को अब इन्हें झेलना पड़ेगा आगे चल कर भविष्य में मानहानि का केस भी लगा सकते हैं उनके अनुसार आधी-अधूरी और भ्रामक जानकारी के आधार पर संस्था को निशाना बनाया जा रहा है, जो उसकी विश्वसनीयता और अनुशासन के लिए खतरनाक है. 16 अप्रैल की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि प्रशासन ने केवल 5 ओल्ड डेलियन्स को संवाद के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन 25-30 लोग प्लेकार्ड लेकर स्कूल गेट पर पहुँच गए। उस समय कक्षाएं चल रही थीं और कक्षा 10 के परिणामों का उत्सव मनाया जा रहा था.

इसे उन्होंने संवाद नहीं बल्कि दबाव बनाने और व्यवस्था बाधित करने का प्रयास बताया. प्राचार्या ने 5 प्रतिनिधियों से बात की और बोर्ड ने 20 लोगों को चर्चा के लिए बुलाया, लेकिन प्रस्ताव ठुकरा दिया गया. संविधान संशोधन पर उन्होंने स्पष्ट किया कि 1948 की मूल व्यवस्था के तहत ओल्ड डेलियन्स एसोसिएशन का प्रतिनिधित्व सीधे बोर्ड में था, जिसे अब फिर से लागू करने का प्रयास है. ओडीए के निर्वाचित अध्यक्ष और सचिव बोर्ड का हिस्सा होंगे और यदि वे उपलब्ध न हों तो अन्य निर्वाचित सदस्य शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि किसी के मतदान अधिकार समाप्त नहीं किए जा रहे हैं, बल्कि इससे पारदर्शिता, जवाबदेही और विवादों में कमी आएगी.

नैतिक पतन और चरित्र हनन
वॉइस ऑफ डीसी प्लेटफॉर्म को लेकर उन्होंने गंभीर आरोप लगाए कि वहां शिक्षकों, प्राचार्या और बोर्ड सदस्यों के खिलाफ अश्लील, अपमानजनक और भ्रामक सामग्री पोस्ट की गई. इसे मजाक बताने पर उन्होंने कहा कि यह मजाक नहीं बल्कि नैतिक पतन और चरित्र हनन है. उन्होंने यह भी कहा कि चैट्स से स्लो पॉइजन रणनीति का खुलासा हुआ है, जिसमें लगातार नकारात्मक सामग्री फैलाकर चुनाव से पहले माहौल प्रभावित करने की कोशिश की गई. दर्ज एफआईआर को उन्होंने संस्था की गरिमा और वैधानिक स्थिति की रक्षा के लिए जरूरी कदम बताया.

राजनीति का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा
पवार के अनुसार घटनाओं का एक पैटर्न दिखता है- पहले दुष्प्रचार, फिर दबाव और फिर भ्रम फैलाना. उन्होंने कहा कि जहां हजारों के समर्थन का दावा किया जा रहा है, वहीं वास्तविक भागीदारी 25-30 लोगों तक सीमित है. पंवार ने बताया कि संस्था संवाद के लिए तैयार है और जल्द ही ओल्ड डेलियन्स के साथ बैठक कर सभी मुद्दों पर स्पष्ट चर्चा की जाएगी. उन्होंने कहा कि डेली कॉलेज एक गौरवशाली विरासत है, जिसे किसी भी व्यक्तिगत एजेंडा या राजनीति का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा.

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