खजुराहो। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत खजुराहो हॉलीडे रिसॉर्ट में कुम्हार और मिट्टी शिल्पकारों के लिए एक दिवसीय कौशल उन्नयन कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। भारतीय पैकेजिंग संस्थान (IIP) दिल्ली और मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा संचालनालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि वंदना सिंह (एपीओ, मनरेगा) द्वारा किया गया। कार्यशाला में छतरपुर जिले के 200 से अधिक स्थानीय कारीगरों ने भाग लिया, जहाँ उन्हें पारंपरिक कला को आधुनिक बाजार की मांगों के अनुरूप ढालने का प्रशिक्षण दिया गया।
AI और आधुनिक तकनीक से परिचय
इस कार्यशाला का सबसे मुख्य आकर्षण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल मार्केटिंग पर आधारित सत्र रहा। विशेषज्ञों ने लाइव डेमो के माध्यम से कारीगरों को बताया कि कैसे वे AI तकनीक का उपयोग कर अपने उत्पादों की ‘स्मार्ट पैकेजिंग’ और ब्रांडिंग कर सकते हैं। IIP दिल्ली के सहायक संचालक तुषार बंद्योपाध्याय और पूजा यादव ने उत्पादों की सुरक्षा और गुणवत्ता सुधार के तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी, जिससे कारीगरों को अपने मिट्टी के उत्पादों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलेगी।
आत्मनिर्भरता और प्रोत्साहन की पहल
कार्यक्रम के अंतिम सत्र में एमएसएमई (MSME) और हस्तशिल्प विभाग के अधिकारियों ने कारीगरों को शासन की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं से अवगत कराया। प्रशिक्षण के बाद प्रत्येक प्रतिभागी को 40-40 उच्च गुणवत्ता वाले पैकेजिंग सैंपल्स निःशुल्क वितरित किए गए ताकि वे अपने व्यवसाय को तुरंत नए और पेशेवर स्वरूप में शुरू कर सकें। सामुदायिक भोज और अनुभव साझा करने के साथ संपन्न हुई इस कार्यशाला को स्थानीय शिल्पकारों ने आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा और प्रभावी कदम बताया।
