सतना : घर से कचहरी जाने के लिए निकले एक अधिवक्ता बीच रास्ते में लूट का शिकार हो गए. बाइक सवार 3 बदमाश उनके पास मौजूद बैग छीनकर फरार हो गए. बैग में विभिन्न प्रकरण से संबंधित फाइलें सहित अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज होने के कारण अधिवक्ता द्वारा थाने पहुंचकर घटना की शिकायत की गई. लेकिन थाना प्रभारी ने लूट की घटना की शिकायत दर्ज करने से साफ इंकार करते हुए यह नसीहत दे दी कि बैग के कहीं गिर जाने की शिकायत की जाए तो प्रकरण दर्ज कर लेंगे.
पुलिस के इस रवैऐ को देखते हुए अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमण्डल द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर मामले की शिकायत की गई.जिले के जैतवारा थाना अंतर्गत ग्राम खम्हरिया निवासी सुरेंद्र प्रसाद विश्वकर्मा जिला न्यायालय सतना में अधिवक्ता हैं. हर रोज की तरह 10 अप्रैल की सुबह वे अपने घर से कचहरी जाने के लिए अपनी मोटरसाइकिल से निकले थे. बाइक पर उनके साथ उनके छोटे भाई विध्य कुमार भी थे. सुबह के लगभग 10 बजे जैसे ही वे शुक्ला बरदाडीह, गायत्री ट्रेडर्स के थोड़ा आगे पहुंचे.
वैसे ही पीछे की ओर से बाइक सवार 3 अज्ञात युवक वहां आ धमके. बाइक सवारा बदमाशों ने देखते ही देखते अधिवक्ता के पास मौजूद काले रंग का बैग छीन लिया और मौके से फरार हो गए. उक्त बैग में न्यायालय से संबंधित 6 फाइलें, फाइलों में असल दस्तावेज, प्रकरण दर्ज करने की अधिवक्ता डायरी, दो बैंक की पासबुक, बिजली बिल की जमा रसीदें, बीमा किश्त की पावती रसीदें, लेखन सामग्री सहित अन्य महत्वपूर्ण सामान रखा हुआ था.
जिसकी कीमत 5 हजार रु आंकी गई. घटना को देखते हुए अधिवक्ता श्री विश्वकर्मा फौरन ही शिकायत दर्ज कराने के लिए कोलगवां थाने पहुंचे. लेकिन वहां पर मूौजूद पुलिसकर्मियों ने शिकायत दर्ज करने में आनाकानी शुरु कर दी. जिसे देखते हुए अधिवक्ता द्वारा इस संबंध में थाना प्रभारी सुदीप सोनी से बात की गई. लेकिन थाना प्रभारी ने अधिवक्ता को नसीहत देते हुए कहा कि यदि बैग के कहीं गिर जाने की शिकायत की जाए तो प्रकरण दर्ज कर लिया जाएगा. लूट की घटना होने और घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने के बावजूद भी बैग कहीं गिर जाने की शिकायत दर्ज कराना अधिवक्ता को कहीं से भी उचित नहीं लगा.
लिहाजा वे सीधे कचहरी चले गए और अपने साथी अधिवक्ताओं को इस घटना के बारे में बताया. एसपी कार्यालय पहुंचे अधिवक्ताअधिवक्ता के साथ लूट जैसी गंभीर घटना होने के बावजूद भी पुलिस के संवेदनहीन रवैऐ को देखते हुए अधिवक्ता लामबंद हो गए. इसी कड़ी में गुरुवार को दो दर्जन से अधिक अधिवक्ताओं का प्रतिनधिमण्डल पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा. जहां पर एसपी को ज्ञापन सौंपते हुए लूट का अपराध दर्ज करने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की. ज्ञापन सौंपने के दौरान अधिवक्ता हरीश द्विवेदी, विष्णुकांत पाठक, शैलेंद्र सिंह, पुष्पेंद्र बागरी, मुकेश मिश्रा, अरुण गौतम, विनोद गौतम, संतोष गौतम, जगमोहन मिश्रा, रोहित केवट, वंदना पटेल, अलका आर्य, अरुण सिंह, मुन्नी खान, वंदना ताम्रकार, कमलेश आबेरॉय, नीरज सिंह, राजललन सिंह, गिरीष पाण्डेय, विनय शर्मा और विनोद महतो सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे
