इंदौर: शहर में उज्जैन सिंहस्थ को लेकर मास्टर प्लान की सड़क एमआर 12 महत्वपूर्ण मानी जा रही है. यही कारण है कि शासन हर तरफ यातायात जाम की स्थिति निर्मित होने से पहले सुविधाओं को देखते हुए नए रास्ते और फ्लाई ओवर ब्रिज बना रहा है. शहर में उज्जैन रोड को सीधे एबी रोड से जोड़ने वाली सड़क पर पीडब्ल्यूडी तीन लेन का ब्रिज बना रहा है.
पीडब्ल्यूडी शहर में मास्टर प्लान की सड़क एमआर 12 पर केलोद हाला गांव पर ब्रिज निर्माण कार्य कर रहा है.
पहले उक्त ब्रिज आईडीए बनाने वाला था और 6 लेन ब्रिज की प्लानिंग की गई थी. बाद में पीडब्ल्यूडी और आईडीए के बीच ब्रिज निर्माण को लेकर विवाद हुआ था. भोपाल में प्रमुख सचिव की बैठक में तय किया गया है कि आधा ब्रिज पीडब्ल्यूडी और आधा ब्रिज आईडीए बनाएगा. आधा से मतलब एक हिस्सा तीन लेन का पीडब्ल्यूडी और एक तीन लेन का हिस्सा आईडीए बनाएगा. पीडब्ल्यूडी चूंकि टेंडर कर चुका था, इसलिए पीडब्ल्यूडी द्वारा तीन लेन के हिस्से का ब्रिज निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है और ब्रिज के पियर जमीन से बाहर दिखाई देने लगे है. उक्त ब्रिज को पूरा करने का समय दो साल तय किया गया है, जिसमें रेलवे स्पान का हिस्सा रेल विभाग करेगा.
यूं हुआ था ब्रिज निर्माण को लेकर विवाद
आईडीए ने एमआर 12 पर 6 लेन फ्लाई ओवर ब्रिज के लिए रेलवे से एनओसी ले ली थी. निर्माण के टेंडर भी हो चुके थे, लेकिन 6 लेन ब्रिज के थे. पीडब्ल्यूडी की ओर आया कि उक्त स्थान के टेंडर और वर्क ऑर्डर हमने जारी कर दिए है. इसमें पीडब्ल्यूडी ने सिर्फ एक तरफ का ही तीन लेन फ्लाई ओवर का टेंडर किया था, जबकि आईडीए पूरा 6 लेन का टेंडर जारी करने वाला था. उक्त ब्रिज निर्माण को लेकर दोनों विभागों में खींचतान मची और कार्रवाई रुक गई. फिर मामला सरकार के दो विभागों के वरिष्ठ अधिकारी ने बैठकर सुलझाया. ब्रिज निर्माण कार्य शुरू हुआ है.
एमआर 12 ब्रिज
निर्माण एजेंसी – केटी कंस्ट्रक्शन
निर्माण लागत – 31.50 करोड़ ( रेलवे स्पान को छोड़कर )
ब्रिज की लबाई – 610 मीटर और चौड़ाई 3 लेन
निर्माण। समय – 24 महीने ( दो साल )
ब्रिज में रेलवे स्पान – 46 मीटर लंबा और तीन लेन चौड़ा
रेलवे स्पान का खर्च – 50 प्रतिशत पीडब्ल्यूडी और 50 रेल विभाग उठाएगा.
