
इंदौर. राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के गायन के दौरान गरिमापूर्ण आचरण सुनिश्चित करने को लेकर मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है.
गुरुवार को न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की खंडपीठ के समक्ष दायर जनहित याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई हुई. कोर्ट ने इंदौर नगर निगम की हालिया घटना को गंभीर मानते हुए पार्षद रूबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. याचिकाकर्ता अधिवक्ता योगेश हेमनानी ने दलील दी कि सरकारी और सार्वजनिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के दौरान आचरण को लेकर कोई स्पष्ट कानूनी व्यवस्था नहीं है. उन्होंने कोर्ट से मांग की कि राष्ट्रीय गीत के सम्मान और मर्यादा बनाए रखने के लिए स्पष्ट दिशा निर्देश तय किए जाएं. याचिका में संविधान के अनुच्छेद 51ए (ए) का हवाला देते हुए कहा गया है कि हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह राष्ट्र के प्रतीकों का सम्मान करे. ऐसे में सार्वजनिक पदों पर बैठे जनप्रतिनिधियों का आचरण भी गरिमापूर्ण होना चाहिए. मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने प्रमुख सचिव, गृह सचिव सहित संबंधित विभागों को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. फिलहाल मामला विचाराधीन है और अगली सुनवाई में आगे की दिशा तय होगी.
