जबलपुर: प्रतिदिन सीएम हेल्प लाइन से संबंधित शिकायतों की समस्त राजपत्रित अधिकारी एवं थाना प्रभारी स्वयं समीक्षा करते हुए शिकायतकर्ता से चर्चा करें एवं उनकी जो भी शिकायत है वैधानिक कार्यवाही करते हुए शिकायत का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निकाल करें। शिकायतकर्ता को की गई कार्यवाही से अवगत करायें। शिकायतों की सुनवाई के लिए अनुभाग के किसी भी एक थाने में कैंप लगायें, एवं लंबित शिकायतों की स्वयं सुनवाई करते हुये शीध्र निकाल करायें।
किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही न बरती जाये। यह बातें पुलिस उप महानिरीक्षक अतुल सिंह ने कन्ट्रोल रूम में बुधवार को जिले में पदस्थ समस्त राजपत्रित एवं थाना प्रभारियों की बैठक लेते हुए कहीं। साथ ही आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय की मौजूदगी में हुई बैठक में डीआईजी ने कहा कि अपहृत बालक, बालिकाओं की तलाश के लिए टीमें जानकारी मिलने पर तुरंत भेजे और दस्तयाबी के हर संभव प्रयास किए जाएं।
महिलाओं की बैठकें लें, समस्याएं जाने,डीआईजी अुतल सिंह ने कहा कि पीडित महिलाओं को अपराध से सुरक्षा देने के लिये कई कानूनी प्रावधान एवं संस्थायें बनायी गयी हैं, कई पीडित महिलाओं को पूरी तरह से सुरक्षा और राहत नहीं मिल पाती, क्योंकि इन सभी प्रक्रियाओं तक पहुंच पाना महिला के लिये अत्यंत कठिन कार्य होता है, इसके अतिरिक्त यदि पीडित महिला पुलिस से मदद लेती है तो उस पर परिवार एवं समाज दबाव डालता है, जिसकी वजह से सहायता प्राप्त करना और अधिक मुशकिल हो जाता है इन्हीं सब समस्याओं को देखते हुये उर्जा हैल्प डैस्क के माध्यम से महिलाओं की समस्याओं तक पहुंचने का प्रयास है। गॉव एवं मोहल्ले में महिलाओं की बैठकें लें, चर्चा कर उनकी समस्याओं को जानें एवं एैसी महिलायें जो हैल्पिंग नेचर की हैं, उन्हें चिन्हित करते हुये उनका सहयोग लें। बैठक में एएसपी शहर आयुष गुप्ता, एएसपी ग्रामीण सूर्यकांत शर्मा, एएसपी यातायात सुश्री अंजना तिवारी ,एवं समस्त नगर पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी उपस्थित थे।
