सर्वर और सत्यापन के भंवर में फंसा किसान, पंजीयन के लिए भटकने को मजबूर

खंडवा। जिले में गेहूं और अन्य फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी प्रक्रिया शुरू होते ही किसानों के सामने मुसीबत खड़ी हो गई है। एक ओर जहाँ इस बार खरीदी की शुरुआत देरी से हुई है, वहीं अब सरकारी पोर्टल की तकनीकी खामियों ने किसानों की चिंता को दोगुना कर दिया है। वर्तमान में पोर्टल पर पंजीयन और स्लॉट बुकिंग के दौरान किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे गंभीर समस्या सत्यापन को लेकर सामने आ रही है जहाँ पोर्टल पर बार-बार मैसेज दिखाई दे रहा है कि किसान का सत्यापन अभी पूरा नहीं हुआ है या पुनः सत्यापन हेतु शेष है।

तकनीकी बाधाओं का सिलसिला यहीं नहीं थम रहा है क्योंकि अब सैटेलाइट सर्वे आधारित सत्यापन ने किसानों की मुश्किल और बढ़ा दी है। कई किसानों के पोर्टल पर “सैटेलाइट द्वारा असत्यापित” होने का मैसेज आ रहा है जिससे फसल तैयार होने के बावजूद वे उसे सरकारी केंद्रों पर बेचने के लिए स्लॉट बुक नहीं कर पा रहे हैं। इसके साथ ही पोर्टल पर केवल छोटे किसानों के लिए ही स्लॉट बुकिंग उपलब्ध होने की सूचना आने से मध्यम और बड़े किसानों के बीच भारी आक्रोश है। उनकी उपज कटकर तैयार रखी है लेकिन तकनीकी पाबंदियों के कारण वे अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर हैं।

किसानों का कहना है कि खरीदी पहले ही विलंब से शुरू हुई है और अब इस तरह की तकनीकी त्रुटियों के कारण उनकी मेहनत की कमाई पर खतरा मंडरा रहा है। यदि समय रहते पोर्टल की खामियां दूर नहीं की गईं और सत्यापन की प्रक्रिया को सरल नहीं बनाया गया तो मौसम की अनिश्चितता के बीच फसल को सुरक्षित बेचना असंभव हो जाएगा। क्षेत्र के किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि सैटेलाइट सर्वे की त्रुटियों का तत्काल भौतिक सत्यापन कराया जाए और स्लॉट बुकिंग की सुविधा सभी वर्गों के किसानों के लिए एक साथ सुचारू की जाए ताकि कोई भी पात्र किसान अपनी उपज बेचने से वंचित न रहे। अधिकारियों का कहना है कि सर्वर पर अत्यधिक लोड और तकनीकी अपडेशन के कारण यह स्थितियां बन रही हैं जिनका निराकरण जल्द कर लिया जाएगा।

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