नयी दिल्ली, 15 अप्रैल (वार्ता) सरकार ने बुधवार को कहा कि वह पश्चिम एशिया की स्थिति के मद्देनजर समन्वित नीतिगत उपायों के माध्यम से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को पर्याप्त समर्थन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
ईरान युद्ध से उत्पन्न परिस्थितियों पर नियमित संवाददाता सम्मेलन में यहां अधिकारियों ने बताया कि फरवरी–मार्च के दौरान इस क्षेत्र की इकाइयों के लिए कुल 92,000 करोड़ रुपये मूल्य के 5.27 लाख से अधिक की गारंटी के प्रस्तावों को स्वीकृत दी गयी जो इस क्षेत्र के लिए मजबूत संस्थागत समर्थन को दर्शाती हैं।
अधिकारियों ने बताया कि सरकारी क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों द्वारा ऑटो एलपीजी की औसत बिक्री 14 अप्रैल तक बढ़कर 282 टन दैनिक हो रही है जो में 177 टन प्रतिदिन थी। उन्होंने बताया कि माईपीएनजीडी.इन पोर्टल के माध्यम से 34,200 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर किए हैं।
अधिकारियों के अनुसार रसाईं गैस की जमाखाेरी और कालाबाजारी रोकने के लिए एजेंसियों ने मंगलवार को 2,100 से अधिक छापे मारे। इन कार्रवाइयों में लगभग 450 सिलेंडर जब्त किए गए।
सरकार की ओर से बताया गया कि जहाजरानी महानिदेशक ( डीजी शिपिंग) के कंट्रोल रूम के सक्रिय होने के बाद से 6,449 फोनकॉल प्राप्त की गयी है और कुल 13,443 से अधिक कॉल सुनी गयी हैं और 6,449 फोनकॉल पर कार्रवाई की गयी है ।
इस बीच भारत ने खाड़ी क्षेत्र में होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया है। इस मार्ग को व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए खुला बनाये रखने के कूटनीतिक प्रयासों को समर्थन दे रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम एशिया के युद्ध से प्रभावित समुद्री क्षेत्र में भारतीय नाविकों के कल्याण को उच्च प्राथमिकता दी जा रही है। भारतीय मिशन कांसुलर सहायता प्रदान कर रहे हैं और उनके परिवारों के साथ संवाद रखा जा रहा है। सरकार उनकी सुरक्षित भारत वापसी को सुगम बनाने के प्रयासों में भी सक्रियता से लगी है।
