नयी दिल्ली, 15 अप्रैल (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक्सेल व्हीकल्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों से जुड़े मामले में आरोप-पत्र दाखिल किया है। ईडी के भोपाल ज़ोनल कार्यालय ने बुधवार को यह जानकारी दी।
ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि धन शोधन मामले की जांच सीबीआई, भ्रष्टाचार-विरोधी ब्यूरो, भोपाल ने कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ दर्ज की गयी एक प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गयी थी। इस प्राथमिकी में उन पर कथित तौर पर बैंक ऑफ़ इंडिया के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप था, जिससे बैंक को लगभग 42 करोड़ रुपये का गलत नुकसान हुआ।
इसके बाद, सीबीआई ने 2022 में इंदौर के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीबीआई मामले) के समक्ष एक आरोपपत्र दायर किया। पीएमएलए जांच के दौरान, 2024 में एक तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें 109.90 लाख रुपये की नकदी और गहने ज़ब्त किए गये। आगे की जांच में पता चला कि कंपनी ने गिरवी रखी गयी संपत्तियों में से एक पर कोटक महिंद्रा बैंक के पहले के चार्ज को छिपाकर और गिरवी रखी गयी संपत्तियों के बारे में गलत जानकारी देकर, बैंक ऑफ़ इंडिया से लगभग 42 करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधा हासिल की थी।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि कंपनी के कैश क्रेडिट खातों से बड़ी रकम को बिना किसी सही कारोबारी वजह के, अलग-अलग सिस्टर कंसर्न और संबंधित संस्थाओं को ट्रांसफर कर दिया और निकाल लिया । इससे यह संकेत मिलता है कि पैसों की हेराफेरी की गयी है।
इससे पहले, ईडी ने पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत लगभग 12.62 करोड़ रुपये की कीमत वाली दो अचल संपत्तियों को अस्थायी तौर पर जब्त कर लिया था। इन संपत्तियों में मध्य प्रदेश के भोपाल जिले की तहसील कोलार में स्थित कृषि भूमि और एक वाणिज्यिक प्लॉट शामिल हैं। मामले की जांच जारी है।
