गुना: मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणामों में गुना जिले के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है। विशेष रूप से बेटियों ने मेरिट सूची में स्थान बनाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।जिले में हायर सेकेंडरी का परिणाम 78.73 प्रतिशत रहा। इस परीक्षा में कुल 12,243 छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे, जिनमें से 9,638 विद्यार्थी सफल घोषित किए गए। वहीं, हाईस्कूल का कुल परिणाम 71.48 प्रतिशत रहा। हाईस्कूल की परीक्षा देने वाले 16,541 बच्चों में से 11,824 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं।
गुना के प्रतिभावान छात्रों ने राज्य स्तरीय मेरिट सूची में अपनी जगह पक्की की है। 10वीं में उत्कृष्ट विद्यालय की छात्रा आर्या शर्मा ने 491 अंक प्राप्त कर प्रदेश में 9वां स्थान हासिल किया है। वहीं, एसएल मेमोरियल के नितिन जाट और सांई कॉन्वेंट स्कूल के वेद रघुवंशी ने प्रदेश की सूची में 5वां स्थान प्राप्त कर उपलब्धि दर्ज की। हायर सेकेंडरी के आर्ट्स संकाय में सांदीपनी विद्यालय फतेहगढ़ की गायत्री राजपूत और कृष्णा धाकड़ के साथ-साथ प्रेसीडेंसी स्कूल की धाणी बंसल ने 484 अंक अर्जित कर प्रदेश में 5वां स्थान साझा किया।
नगर के उत्कृष्ट विद्यालय ने एक बार फिर शिक्षा के क्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। विद्यालय का हाईस्कूल का परिणाम 99.5 प्रतिशत और हायर सेकेंडरी का परिणाम 98 प्रतिशत रहा। विद्यालय के शिक्षकों ने घोषणा की है कि मेरिट सूची में स्थान पाने वाले छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से पुरस्कृत किया जाएगा। प्रदेश की मेरिट सूची में स्थान पाने वाली आर्या शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय उत्कृष्ट विद्यालय के शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है। एक पत्रकार की सुपुत्री आर्या भविष्य में आईएएस अधिकारी बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं। उन्होंने आगामी उच्च माध्यमिक शिक्षा के लिए गणित विषय चुनने का निर्णय लिया है।
उनकी इस उपलब्धि पर परिजनों ने हर्ष व्यक्त किया है। शासन की योजनाओं के तहत शानदार प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पुरस्कृत किया जाएगा। 12वीं कक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले छात्र-छात्राओं को लैपटॉप की राशि प्रदान की जाएगी। प्रत्येक स्कूल के बालक और बालिका टॉपर को स्कूटी की राशि दी जाएगी। उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य एचएन जाटव ने बताया कि जो छात्र इस बार सफल नहीं हो पाए हैं, उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। शासन की योजनाओं के तहत उन्हें सुधार का एक और अवसर दिया जाएगा, जिससे वे पुन: मेहनत कर सफल हो सकें।
