सतना: बरौंधा वनपरिक्षेत्र के कैमहा गांव में वन विभाग और आदिवासी समुदाय के बीच जमीन विवाद गहराता जा रहा है। पांच दशक से खेती कर रहे लगभग 100 आदिवासी परिवारों को विभाग ने खरीफ सीजन में खेती से रोक दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि केवल आदिवासियों को हटाया जा रहा है जबकि अन्य लोग खेती जारी रखे हुए हैं।
विरोध के दौरान महिलाओं ने कर्मचारियों पर अभद्र व्यवहार के आरोप भी लगाए। इससे गांव में रोष व्याप्त है और परिवारों की आजीविका संकट में है। आदिवासियों ने चेतावनी दी है कि अनुमति न मिलने पर वे आत्मघाती कदम उठा सकते हैं। डीएफओ मयंक चांदीवाल ने कहा कि वन मित्र पोर्टल पर दर्ज आवेदनों की जांच कर पात्रों को वनाधिकार पट्टा दिया जाएगा। सैटेलाइट और मैदानी जांच के आधार पर ही अंतिम निर्णय होगा।
