मालवा- निमाड़ की डायरी
संजय व्यास
अपने नाथ कमलनाथ की राज्य में पुन: सक्रियता बढऩे और उन्हें दिल्ली दरबार में फिर से मिल रही तवज्जो के साथ इंदौरी नेता पूर्व मंत्री व सांसद सज्जन सिंह वर्मा की महत्वाकांक्षा फिर हिलोरे ले रही है. आगामी राज्य सभा चुनाव को लेकर कांग्रेस में चल रहे नामों में एक पखवाड़े पूर्व तक कमलनाथ भी शामिल थे. लगता है नई पीढ़ी को आगे करने की राहुल गांधी की मंशा को देख उन्होंने खुद अपने को बाहर कर लिया है. इसके बाद ही कमलनाथ के संकेत पर सज्जन सिंह वर्मा ने राज्य सभा चुनाव गंभीरता से लेते हुए खुलेआम अपनी दावेदारी ठोंक दी है. मालवा-निमाड़ से पहले ही कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव का नाम राज्य सभा टिकट की रेस में था. हालांकि जीतू पटवारी ने बाद में चुनाव न लडऩे की बात कही है, पर अरुण यादव पूर्ण तौर पर टिकट के लिए लाबिंग में लगे हैं. अब सज्जन की दावेदारी से उनके सामने परेशानी खड़ी हो गई है. वे पिछड़े वर्ग से आते हैं और वर्मा दलित वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं. अगर पार्टी आलाकमान राज्य सभा चुनाव में पिछड़े या दलित वर्ग से टिकट देने की कवायद करता है तो देखना होगा किसका पलड़ा भारी पड़ता है- अरुण यादव या फिर सज्जन सिंह वर्मा. वैसे प्रदेश में इन वर्गों से और भी जगह दावेदार लाबिंग में जुटे हुए हैं. सज्जन सिंह वर्मा सोनकच्छ विधानसभा से पांच बार विधायक रह चुके हैं. इसके अलावा साल 2009 में उन्होंने देवास से लोकसभा का चुनाव भी जीता था. इसके बाद कांग्रेस पार्टी ने साल 2023 में उन्होंने सोनकच्छ से विधायकी का चुनाव लड़वाया था, लेकिन वह भाजपा के राजेश सोनकर से हार गए थे.
विवादित बयान और अशालीन कृत्य पर घिरे कुणाल
शाजपुर के कालापीपल से पूर्व विधायक व कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी विवादित बयानों और अशालीन कृत्य से भाजपा के निशाने पर आ गए हैं. विगत दिनों किसानों के समर्थन में शाजापुर जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टर कार्यालय के सामने कांग्रेस द्वारा धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया था. धरने का प्रमुख मुद्दा गेहूं खरीदी में देरी, अव्यवस्था और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को मुआवजा न मिलना रहा. धरने को संबोधित करते हुए कुणाल चौधरी आपा खो बैठे भाजपा सरकार पर निशाना साधते-साधते केंद्र सरकार में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर अशोभनीय विवादित टिप्पणी कर दी. इसके बाद ज्ञापन देने के लिए जब कांग्रेसी कलेक्टर कार्यालय में खड़े थे, तो ज्ञापन की कॉपी में देरी होने से शाजापुर एसडीएम मनीषा वास्कले के सामने उन्होंने गेहूं की बोरी को ही ज्ञापन के रूप में उड़ेल दिया. तो वहीं कुछ कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने इस ढेर में से महिला अधिकारी पर गेहूं फैंक दिए. अब भाजपा ने शिवराज पर अशोभनीय टिप्पणी और महिला अधिकारी के अपमान को मुद्दा बना लिया है और उन पर हमलावर है.
निमाड़ में कांग्रेस का खोता जनाधार
पश्चिमी-पूर्वी निमाड़ के अंतर्गत आने वाले खण्डवा, बुरहानपुर, खरगौन, बड़वाह, सेंधवा, बड़वानी में एक समय कांग्रेस की अच्छी पैठ थी. शनै-शनै वह यहां अपना जनाधार खोती जा रही है. खंडवा विधान सभा वह 1990 से नहीं जीत पाई है. बुरहानपुर में खोना-पाना लगा रहा. खरगोन में भी ऐसा ही चला, लेकिन खंडवा व बड़वानी जिले की अन्य विधान सभाओं में कांग्रेस- भाजपा में कांटे की टक्कर होती रही. अब यहां भी कांग्रेस के जनाधार में लगातार सेंध वग रही है. बड़वानी में पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन को पानसेमल के भाजपा विधायक श्याम बर्डे ने काफी क्षति पहुंचाई. उनके ग्रामीण इलाकों के अनेक कार्यकर्ता-नेता गत कुछ समय में बर्डे के प्रयासों से भाजपा में चले गए. अब खंडवा जिले में भी पंधाना से भाजपा विधायक छाया मोरे कांग्रेस के कद्दावर नेता राजनारायण सिंह पुरनी परिवार की जड़ें खोखली करने में लगी हैं. पुरनी परिवार का पंधना, मंधाता व आसपास के क्षेत्र में अच्छा होल्ड रहा है. कुछ दिनों पूर्व ही छाया मोरे ने उनके क्षेत्र में सेंध लगाते हुए कई स्थापित कांग्रेस नेताओं को भाजपा में शामिल करा लिया. यह पुरनी परिवार राजनीति के लिए अच्छा संकेत नहीं होना बताया जा रहा है
