सिंगरौली: सरई क्षेत्र में चर्चित मामले में पीड़ित महिला के बयान में आए अचानक बदलाव ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है। सुबह सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में महिला ने स्पष्ट रूप से कहा था कि वह किसी के बहकावे में आकर धरना-प्रदर्शन में शामिल नहीं हुई थी और कुछ लोगों पर लगाए जा रहे आरोप गलत हैं। हालांकि कुछ ही घंटों बाद महिला द्वारा थाने में दिए गए लिखित आवेदन ने इस मामले को और अधिक उलझा दिया।
थाना सरई में दिए गए आवेदन पत्र में महिला ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों द्वारा उस पर दबाव बनाया गया, जबरन बयान दिलवाने और वीडियो बनवाने का प्रयास किया गया। आवेदन में धमकी, आर्थिक दबाव तथा मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। इधर क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज है कि मामले में पुलिस की भूमिका तथा कुछ कथित समाजसेवी पार्षदों के हस्तक्षेप को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चाएं हैं कि महिला पर बयान बदलने के लिए दबाव बनाया गया।
हालांकि इन चर्चाओं में कितनी सच्चाई है और कितना भ्रम, इसका स्पष्ट खुलासा केवल निष्पक्ष जांच के बाद ही हो सकेगा। मामले के तूल पकड़ने के बाद नगर पालिका परिषद के कुछ अधिकारियों, पार्षदों तथा परिषद अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। आम लोगों के बीच प्रशासनिक और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं। फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आ पाएगी।
