भोपाल। इंदौर में आज रिटायर्ड पुलिस अधिकारी सड़क पर उतर आए वह विगत 7 अप्रैल को पन्ना जिले में पूर्व डीएसपी के साथ कथित दुर्व्यवहार का विरोध कर रहे थे। जिसके बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया। प्रदेश भर के सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों ने एकजुट होकर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए दर्ज एफआईआर को तत्काल निरस्त करने या जांच सीआईडी को सौंपने और संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।
दरअसल, पन्ना जिले में 82 वर्षीय सेवानिवृत्त डीएसपी भरत सिंह चौहान और उनकी पत्नी के साथ मदला थाना पुलिस द्वारा कथित अभद्रता और बाद में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किए जाने से वर्दी बनाम वर्दी का विवाद खड़ा हो गया है। यह मामला अब भोपाल सहित कई शहरों में चर्चा और विरोध का विषय बन गया है।
सेवानिवृत्त राजपत्रित पुलिस अधिकारी संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि एक सामान्य ट्रैफिक जांच सीट बेल्ट विवाद को इस स्तर तक ले जाना पुलिस की संवेदनहीनता को दर्शाता है। उनका आरोप है कि बुजुर्ग दंपति को घंटों थाने में बैठाकर अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया, जो पूरी तरह निंदनीय है।
इंदौर में ज्ञापन सौंपते हुए अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई और एफआईआर वापस नहीं ली गई, तो प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
वहीं, मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पन्ना पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू ने कहा कि पूरी घटना बॉडी-वियर कैमरे में रिकॉर्ड है और तथ्यों के आधार पर ही सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस अपना पक्ष सार्वजनिक करने के लिए तैयार है।
फिलहाल, यह मामला पुलिस कार्यप्रणाली, संवेदनशीलता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है, वहीं पूर्व पुलिस अधिकारियों का आक्रोश आने वाले दिनों में और बढ़ने के संकेत दे रहा है। हालांकि पन्ना कोर्ट ने इस मामले में पहले ही जमानत दे दी है।
