जबलपुर: डिजिटल अपराधों के बढ़ते ग्राफ के बीच जबलपुर पुलिस साइबर अपराधियों पर प्रहार किया। वर्ष 2026 के शुरुआती आंकड़ों ने यह साफ कर दिया है कि पुलिस ठगों के मंसूबों पर पानी फेर रही है। साइबर अपराधियों की शामत आ गई है। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल और स्थानीय थानों के समन्वय से अब तक करोड़ों रुपये की ठगी की राशि को रिकवरी सुरक्षित करने में सफलता मिली है।
जिले में इस वर्ष अब तक 712 शिकायतें नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज की गई हैं। जैसे ही पीडि़त द्वारा साइबर सेल या स्थानीय थाने में सूचना दी पुलिस की तकनीकी टीम तत्काल हरकत में आकर ठगी गई राशि के ट्रांजेक्शन को ट्रैक किया। इसी सक्रियता का परिणाम है कि अब तक लगभग 3.50 करोड़ रुपये की राशि विभिन्न बैंक खातों में होल्ड, लीन कराई जा चुकी है। पुलिस ने न केवल राशि को फ्रीज कराया, बल्कि कानूनी प्रक्रिया पूरी कर अब तक लगभग 70 लाख रुपये पीडि़तों को वापस भी दिला दिए हैं। शेष राशि को भी पीडि़तों के खातों में वापस कराने के लिए वैधानिक कार्रवाई चल रही है। 65 ऐसी एफआईआर दर्ज की गई जो ई-एफआईआर और जीरो एफआईआर हैं। जिनकी गहन विवेचना साइबर विशेषज्ञों द्वारा की जा रही है।
1 से 2 घंटे अहम, बरतें सावधानी-
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर शुरुआती 1-2 घंटे (गोल्डन ऑवर) बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ठगी होते ही तुरंत पुलिस को सूचना दे और शिकायत दर्ज कराए। किसी भी एप को इंस्टाल करते समय मांगी जा रही परमिशन (फोटो, कॉन्टैक्ट, लोकेशन, एसएमएस, कैमरा आदि) को ध्यान से देखें और संदिग्ध एप को अनुमति न दें। कमाने का लालच देने वाले व्यक्तियों, ऐप्स से दूर रहें। अनजान से निवेश टिप्स न लें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। बैंक खातो संबंधी एवं अन्य व्यक्तिगत जानकारी किसी प्रकार के लालच में आकर किसी से भी साक्षा न करें।
ऐसे ठगों को पुलिस दे रही चोट
सायबर अपराध पर नकेल लगाने पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर प्रत्येक थाने में सायबर हेल्प डेस्क शुरु की गई है। जिसका उद्देश्य पीडित के साथ सायबर धोखाधड़ी होने पर उसकी शिकायत गोल्डन आवर के भीतर पोर्टल पर दर्ज करना है जिससे अधिक से अधिक राशि को वित्तीय चैनल में ही रोका जा सके। ठगी के मामलों में तकनीकी विवेचना, कार्रवाई करने एएसपी अपराध जितेंद्र सिंह के मार्ग निर्देशन में उप पुलिस अधीक्षक साइबर अंजुल अयंक मिश्रा एवं समस्त साइबर सेल टीम द्वारा कार्यवाही कर राशि रिफंड होल्ड कराने की कार्यवाही की जा रही है
