
सीहोर। राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के अपमान के मामले में पुलिस आरोपियों को न्यायालय लेकर पहुंची तो कोर्ट परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया. देश भक्ति के जज्बे से भरे वकीलों का गुस्सा आरोपियों को देखते ही फूट पड़ा और कुछ वकीलों ने उनकी पिटाई कर दी. इस दौरान वहां अफरा-तफरी की स्थिति बन गई.
जानकारी के अनुसार, दोराहा थाना पुलिस आरोपी सलीम, उसका पुत्र समीर और भाई जलील को न्यायालय लेकर पहुंची थी. जैसे ही वे परिसर में पहुंचे, मौजूद अधिवक्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया. कुछ वकीलों ने आरोपियों के साथ मारपीट कर दी. पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप कर आरोपियों को भीड़ से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. घटना के बाद वकील समुदाय में भारी नाराजगी देखी गई. अधिवक्ताओं ने निर्णय लिया कि तिरंगे का अपमान करने वाले आरोपियों की पैरवी कोई भी स्थानीय वकील नहीं करेगा. तिरंगे का अपमान हरगिज सहन नहीं किया जाएगा. बताया जा रहा है कि दोराहा थाना क्षेत्र के ग्राम सिराड़ी में आरोपियों ने तिरंगे झंडे को सड़क पर बिछा दिया था. झंडा उड़े न, इसके लिए उसके चारों कोनों पर पत्थर रख दिए गए थे. यह देखकर ग्रामीण राहुल दांगी सहित अन्य लोगों ने विरोध जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 की धारा 2 और 3 के तहत प्रकरण दर्ज किया। थाना प्रभारी राजेश सिन्हा के नेतृत्व में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आरोपियों को जेल भेज दिया गया है.
