नयी दिल्ली, 11 अप्रैल (वार्ता) दिल्ली की शाहदरा जिला साइबर पुलिस ने शेयर बाजार में निवेश के नाम पर अधिक मुनाफे का झांसा देकर एक व्यक्ति से 10 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर रोहिणी के विजय विहार इलाके में छापेमारी कर इन जालसाजों को दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 26 वर्षीय सुमित, 42 वर्षीय संदीप और 41 वर्षीय कमल कुमार के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, ठगी की यह घटना दिसंबर 2025 में शुरू हुई थी, जब पीड़ित को एक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से जाल में फंसाया गया। जालसाजों ने शेयर बाजार निवेश पर गारंटीड और भारी रिटर्न का वादा किया था। इन दावों पर भरोसा करके शिकायतकर्ता ने कुल 10 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए, लेकिन न तो उसे कोई मुनाफा मिला और न ही मूल राशि वापस मिली। इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित से संपर्क पूरी तरह काट लिया, जिससे धोखाधड़ी की पुष्टि हुई।
जांच के दौरान साइबर टीम ने पैसों के लेनदेन के डिजिटल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया, जिससे सुराग दिल्ली के रोहिणी इलाके तक पहुँचे। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी ‘म्यूल बैंक अकाउंट’ संचालित कर रहे थे। इन खातों का इस्तेमाल ठगी गई राशि को प्राप्त करने और आगे ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था, ताकि मुख्य मास्टरमाइंड की पहचान छिपी रहे।
पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान पांच मोबाइल फोन, छह डेबिट कार्ड और कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं, जिनमें व्हाट्सएप चैट और बैंक खाते के विवरण शामिल हैं। शाहदरा के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि साइबर टीम ने वित्तीय लेन-देन के विश्लेषण के लिए उन्नत तकनीकी तरीकों का उपयोग किया है।
उन्होंने कहा कि पुलिस इस संगठित साइबर अपराध गिरोह के बड़े नेटवर्क का पता लगाने और ठगी गई राशि की बरामदगी के लिए जांच कर रही है।
